चमकी बुखार पर बिहार की नीतीश सरकार को ‘सुप्रीम’ फटकार, 7 दिनों में मांगी रिपोर्ट

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : बिहार की नीतीश सरकार को आज फिर सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार से जवाब तलब किया है और सात दिनों में रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है. बिहार में एईएस यानि चमकी बुखार से लगातार हो रही मौतों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से 7 दिनों में रिपोर्ट मांगा है. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और यूपी की योगी सरकार को भी मामले में नोटिस जारी किया है. AES से मासूम बच्चों की मौत को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जाहिर करते हुए तीन मुद्दों पर जवाब मांगा है जिनमें स्वास्थ्य सेवाओं की पर्याप्तता, पोषण और साफ सफाई शामिल है.

केंद्र और यूपी सरकार से भी रिपोर्ट तलब

बता दें कि बिहार के मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में चमकी बुखार के कहर से 150 से अधिक बच्चों की मौत हो गई है. इस बीमारी के कहर से सबसे ज्यादा मुजफ्फरपुर प्रभावित हुआ है. इसी मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दो याचिकाएं दायर की गई थी. याचिका पर सुनवाई करते हुए आज सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, बिहार और यूपी की सरकार को 7 दिनों के अंदर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है. मनोहर प्रताप और सनप्रीत सिंह अजमानी की ओर से दायर की गई याचिका पर आज सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है. बता दें कि याचिका में दावा किया गया था कि सरकारी सिस्टम चमकी बुखार का सामना करने में पूरी तरह से फेल रहा है.

सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं में मांग की गई ती कि कोर्ट की तरफ से बिहार सरकार को मेडिकल सुविधा बढ़ाने के आदेश दिए जाएं. साथ ही याचिकाकर्ता ने यह  भी कहा था कि केंद्र सरकार को भी इस मामले में एक्शन लेने को कहा जाए.

मामले में सोमवार को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सरकारों से पूछा है कि क्या इनको लेकर कोई योजना लागू की गई है. अदालत ने कहा कि हमने ऐसे कई रिपोर्ट्स पढ़ें हैं जो ये बताते हैं कि कई गांव ऐसे हैं जहां कोई बच्चा बचा ही नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर टिप्पणी करते हुए पूछा कि उत्तर प्रदेश में भी कुछ ऐसी ही स्थिति थी, वहां पर सुधार कैसे आया. बता दें कि बिहार में चमकी बुखार से अबतक 169 बच्चों की मौत हो चुकी है जिनमें से 132 बच्चे केवल मुजफ्फरपुर में मरे है.

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इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने बिहार के मुजफ्फरपुर में बालिका गृह में यौन उत्पीड़न के मामले में तल्ख रूख अपनाते हुए बिहार सरकार से रिपोर्ट मांगा था. सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को फटकार लगाते हुए मामले की जांच में ढ़ील नहीं बरतने का निर्देश दिया था.

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