राम जन्मभूमि विवाद पर SC में सुनवाई आज से, सभी पक्षकारों ने दिल्ली में डाला डेरा

लाइव सिटीज डेस्क : 25 मार्च को रामनवमी है. इसको लेकर तैयारी भी जोरो पर है. लेकिन आज बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में राम जन्मभूमि विवाद पर सुनवाई शुरू होने जा रही है. इसको लेकर पूरी तैयारी कर ली गई है. सभी कागजी कार्रवाई और अनुवाद का काम पूरा हो गया है. आठ मार्च को सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्रार के समक्ष हुई बैठक में सभी पक्षों ने यह जानकारी दी. अयोध्या विवाद की सुनवाई खुद चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा कर रहे हैं.

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई में सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की पीठ अब सुनवाई की दिशा तय करेगी. हाई कोर्ट आदेश के खिलाफ सबसे पहले सुन्नी वक्फ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लिहाजा पहले बहस करने का मौका उन्हें मिल सकता है.
इस मामले से जुड़े 9,000 पन्नों के दस्तावेज और 90,000 पन्नों में दर्ज गवाहियां पाली, फारसी, संस्कृत, अरबी सहित विभिन्न भाषाओं में हैं, जिस पर सुन्नी वक्फ बोर्ड ने कोर्ट से इन दस्तावेजों को अनुवाद कराने की मांग की थी.

बता दें कि इस मुकदमे की पिछली तारीख पर सुप्रीम कोर्ट ने सभी प्रपत्रों का अनुवाद करने का निर्देश दिया था. सुनवाई शुरू होने से पूर्व ही पक्षकारों ने अपने-अपने वकीलों संग दिल्ली में डेरा डाल दिया है. पक्षकारों का कहना है कि अब सुप्रीम कोर्ट से ही आस है, इस मामले को और टाला नहीं जाना चाहिए, जल्दी से जल्दी निर्णय सुनाने की आवश्यकता है. पक्षकार इकबाल अंसारी ने बताया कि वह दिल्ली नहीं जा रहे हैं, जब उनकी आवश्यकता होगी तो जाएंगे. फिलहाल अपने वकीलों के संपर्क में रहकर और समाचार चैनलों के माध्यम से पूरे मामले पर नजर रखेंगे. ‘राम मंदिर वहीं बनेगा जहां वो है, मस्जिद बनायी जाएगी अयोध्या से बाहर

सभी पक्षकारों का कहना है कि सुलह-समझौते की गुंजाइश अब दूर की बात हो गई. इसलिए हमारी आस तो अब सुप्रीम कोर्ट पर ही टिकी हुई है. पक्षकारों ने कहा कि फैसला किसी के हक में हो सभी को मान्य होगा. उधर, अयोध्या मामले के पक्षकार महंत धर्मदास ने कहा कि राममंदिर पर अब राजनीति बंद होनी चाहिए. सुलह-समझौते के नाम पर कुछ लोग अपनी दुकान चमकाने पर लगे हैं. उन्होंने कहा कि जो भी होना है वह सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से ही होना है. सुनवाई में शामिल होने के लिए पक्षकार हाजी महबूब भी दिल्ली रवाना हो गए हैं. उन्होंने कहा कि यदि सुलह-समझौते से मामला हल हो जाए तो अच्छा ही है. देश में भाईचारा कायम रहे. कहा कि मामले में सुप्रीम कोर्ट जो निर्णय देगा वह मानेंगे.

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