बिहार सरकार पर बरसा सुप्रीम कोर्ट, कहा – मेरा मजाक न बनाएं…

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लाइव सिटीज डेस्क : सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को जम कर फटकार लगायी. यह फटकार उसने पुलिसकर्मियों की बहाली मामले को लेकर लगायी. उसने कहा, बिहार सरकार हमारा मजाक न बनाए. हमारी नजर पुलिसकर्मियों की भर्ती पर है. इतना ही नहीं, इस मामले में बिहार सरकार की ओर से बनाये गये रोड मैप को भी सुप्रीम कोर्ट ने ठुकरा दिया है. कोर्ट के चीफ जस्टिस जेएस खेहर ने यहां तक कह दिया कि ऐसे प्रस्ताव देनेवालों को जेल भेज देना चाहिए.

चीफ जस्टिस खेहर ने सुनवाई करते हुए कहा कि बिहार सरकार कह रही है कि जुलाई 2019 तक में 86 स्टेनोग्राफर की बहाली पूरी होगी. क्या इस काम में इतना टाइम लगेगा? आपको चाहिए कि स्टेनोग्राफी टेस्ट लेकर इन पदों पर चयन करें. इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार के बनाये गये रोडमैप को भी ठुकरा दिया और नए रोडमैप के साथ शुक्रवार को दोबारा अपर सचिव को कोर्ट में पेश होने को कहा.

 

गौरतलब है कि मंगलवार को सुनवाई में बिहार के अलावा उत्तर प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के बड़े अफसरों को रोडमैप के साथ पेश हुए थे. चीफ जस्टिस खेहर ने कहा कि यह मामला 2013 से पेंडिंग है, लेकिन इन राज्यों में कुछ नहीं हुआ. नोटिस भेजने के बाद भी कोई काम नहीं किया गया. अब कोर्ट इस मामले पर निगरानी करेगा और भर्तियों पर नजर रखेगा.

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बता दें कि रिपोर्ट के अनुसार यूपी में 1,51,679, बिहार में 34,000, झारखंड में 26,303, कर्नाटक में 24,399, तमिलनाडु में 19,803, बंगाल में 3,325 पुलिसकर्मियों की रिक्तियां हैं. कोर्ट ने कहा कि बिहार सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इस पुराने रोडमैप से काम नहीं चलेगा. कोर्ट शुक्रवार को नए रोडमैप के साथ बिहार के एडिशनल सेक्रेटरी को पेश होने को कहा है.

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