इंसाफ : निर्भया के दोषियों की फांसी की सजा बरकरार

लाइव सिटीज डेस्क : निर्भया गैंगरेप मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ा फैसला आया है. सर्वोच्च न्यायालय ने  दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए चारो दोषियों  की फांसी की सजा बरकरार  रखी है.  बता दें कि दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा निर्भया के दोषियों को फांसी की सजा को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी. जिस पर सुनवाई 27 मार्च को ही पूरी कर ली गई थी. और आज फैसला सुनाया गया.  सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस आर भानुमति और जस्टिस अशोक भूषण की बेंच ने फैसला सुनाया. 

इस फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट में मौजूद लोगों ने तालियाँ भी बजाई. वहीँ निर्भया की मां ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर खुशी जताई. उन्होंने कहा कि आज मेरी बेटी को इंसाफ मिला है.

मालूम हो कि गैंगरेप के चार दोषियों मुकेश, अक्षय, पवन और विनय को साकेत की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई थी, जिस पर 14 मार्च 2014 को दिल्ली हाईकोर्ट ने भी मुहर लगा दी थी. दोषियों की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सजा पर रोक लगा दी थी. इसके बाद तीन जजों की बेंच को मामले को भेजा गया और कोर्ट ने केस में मदद के लिए दो एमिक्‍स क्यूरी नियुक्त किए गए. 

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट की तरह की.

हर सोमवार, शुक्रवार और शनिवार को भी मामले की सुनवाई की गई. करीब एक साल तक चली इस सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 27 मार्च को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था. देशभर को दहला देने वाली इस वारदात के बाद मुख्य आरोपी ड्राइवर राम सिंह ने तिहाड़ जेल में कथित खुदकुशी कर ली थी, जबकि नाबालिग अपनी तीन साल की सुधारगृह की सजा पूरी कर चुका है.