सुशांत मौत मामला: सुप्रीम कोर्ट में फैसला सुरक्षित, गुरूवार तक सभी पक्षों से कोर्ट ने मांगा लिखित जवाब

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क :  सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. गुरूवार तक सभी पक्षों से लिखित जवाब की मांग की गयी हैं. कोर्ट में सभी पक्षों ने अपनी-अपनी दलीलें रखी. मुंबई पुलिस, बिहार पुलिस और रिया चक्रवर्ती की ओर से अपनी अपनी बातों को कोर्ट के समक्ष रखा गया.

सभी की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने गुरुवार तक फैसला सुरक्षित रख लिया. साथ ही कहा कि सभी पक्ष लिखित रूप से अपना अपना जवाब दें. अब कोर्ट के फैसले पर यह यह होगा कि बिहार में दर्ज मामला मुंबई ट्रांसफर हो गया या नहीं, इस मामले की जांच सीबीआई करेगी या नहीं.



सुप्रीम कोर्ट में अपनी बात रखते हुए बिहार सरकार ने मुबंई पुलिस की शिकायत की. बिहार पुलिस की ओर से कोर्ट को बताया गया कि मामले की जांच में मुंबई की पुलिस ने सहयोग तक नहीं किया बल्कि अडंगा लगाने का काम किया. सिनियर पुलिस ऑफिसर को जबरन क्वारंटीन कर दिया गया. जो पूरी तरह से असंवैधानिक हैं.

वहीं मुंबई पुलिस ने कोर्ट में अपनी बात रखते हुए कहा कि बिहार पुलिस इस मामले की जांच राजनीतिक से प्रेरित होकर कर रही है. इस मामले की जांच करने का वहां की पुलिस को कोई अधिकार नहीं है. इस मामले की जांच करने के लिए मुंबई पुलिस सक्षम हैं. ऐसे में सीबीआई को केस सुपुर्द करने का कोई औचित्य नहीं बनता है.

इधर रिया चक्रवर्ती के वकील ने बिहार पुलिस के कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कोर्ट से कहा कि बिहार में दर्ज मामले को मुंबई ट्रांसफर करने की अनुमति दी जाए. क्यों कि वहां पर यह मामला बिहार चुनाव को देखते हुए दर्ज किया गया है.

बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत के पिता केके सिंह ने बिहार के राजीव नगर थाने में मामला दर्ज कराया है. जिसकी जांच करने पटना पुलिस की टीम मुंबई गयी थी. लेकिन वहां पर यहां की पुलिस के साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया गया. मामले को बिगड़ता देख यहां से एक सिनियर आईपीएस को मुंबई भेजा गया लेकिन वहां बीएमसी ने उन्हें जबरन क्वारंटीन कर दिया. आईपीएस के साथ इस प्रकार के बर्ताव के बाद बिहार की पुलिस ने बीएमसी को कानूनी लेटर भेजा तब जाकर आईपीएस को क्वारंटीन मुक्त किया गया.