जंगलराज के युवराज से सुशील मोदी ने पूछा सवाल, लालू प्रसाद ने फर्जी कंपनी क़े जरिये क्यों खरीदा टाटा का गेस्ट हाउस

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : बिहार विधानसभा चुनाव में जीत के लिए सभी दल और उसके नेता सभी तरह के हथकंडे अपना रहे हैं. खासकर महागठबंधन और एनडीए के घटक दल और उसके नेता सह और मात के इस चुनावी खेल में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं. इस कड़ी में डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से आरजेडी और तेजस्वी पर हमलावर बने हुए हैं.

डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने ट्वीट किया कि  क्या यह सही नहीं कि राबड़ी देवी के शासनकाल में लालू प्रसाद ने पटना में 7,105 वर्गफीट में निर्मित टिस्को के दो मंजिला गेस्ट हाउस को फेयर ग्रो होल्डिंग प्रा. लि. नामक मुखौटा कंपनी के माध्यम से अपने कब्जे में ले लिया था? . क्या वह गेस्ट हाउस गरीबों के लिए हथियाया गया था?



लालू परिवार ने टिस्को की कीमती सम्पत्ति सीधे क्यों नहीं खरीदी? इसमें सहारा समूह व प्रेमचन्द गुप्ता की मुखौटा कम्पनी का सहारा क्यों लिया गया?. सामाजिक न्याय के नाम पर सत्ता पाने वाले फर्जीबाड़ा क्यों कर रहे थे?. तेजस्वी यादव बतायें कि जिस फेयर ग्रो नामक कंपमी से उनके परिवार का नाम जुड़ा, वह क्या एक फर्जी कम्पनी थी?.

कोलकाता के जिस पते पर कंपनी रजिस्टर्ड करायी गयी थी, वहां ऐसी कोई कम्पनी नहीं पाई गई. क्या राजद बिहार के दस लाख युवाओं को ऐसी फर्जी कंपनियों में नौकरी देने वाला हैं?. आखिर नौवीं पास तेजस्वी प्रसाद यादव और इंटर-पास तेजप्रताप यादव में ऐसी कौन सी योग्यता थी कि फेयर ग्रो जैसी मुखौटा कम्पनी ने लालू प्रसाद के दोनों बेटों को सीधे डायरेक्टर बना दिया?. क्या ये नियुक्तियां लालू-राबड़ी सरकार से अनुचित लाभ लेने के लिए नहीं थीं?

सुशील मोदी ने कहा कि तेजस्वी यादव बतायें कि उनके पिता लालू यादव ने गरीबों की चिंता छोड़ कर केवल अपने परिवार की गरीबी दूर करने के लिए फर्जी कंपनियों के जरिये कीमती जमीन हथियाने का रास्ता क्यों अपनाया?.