सुमो का हमला : कहा-नीतीश का रवैया तानाशाही, करते हैं ढोंग

पटना : भाजपा के वरिष्ठ नेता व बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार पर एक बार फिर हमला बोला है. दरअसल, नीतीश कुमार ने कहा था कि वह न तो विपक्ष के नेताओं के बयानों को पढ़ते है और न ही पत्रों के जवाब देते हैं. इस पर सुमो ने कहा कि नीतीश का यह कहना उनकी घोर तानाशाही मनोवृत्ति को दर्शाता  है.

सुशील मोदी ने कहा कि मुख्यमंत्री विपक्ष के बयानों को नहीं पढ़ने का ढोंग इसलिए करते हैं कि उन्हें भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई नहीं करना पड़े और उनकी कुर्सी सलामत रहे.

उन्होंने कहा कि महागठबंधन के नेताओं पर लग रहे आरोपों को अपने दायरे से बाहर बताने वाले मुख्यमंत्री बतायें कि एमएलए को-ऑपरेटिव में सैकड़ों विधायकों के प्रतीक्षा में रहने के बावजूद लालू प्रसाद और जय प्रकाश नारायण यादव को किए गए दो-दो प्लॉट के आवंटन के खिलाफ कार्रवाई करना, बिना पर्यावारण अनुमति के 750 करोड़ के मॉल का निर्माण होने देना, पटना के जू में पाथ-वे की जरूरत नहीं होने के बावजूद लालू परिवार के मॉल की मिट्टी खपाने के लिए मिट्टी की खरीद करने के खिलाफ कार्रवाई करना क्या मुख्यमंत्री के दायरे में नहीं आता है? 

इसी प्रकार मंत्री तेजप्रताप और तेजस्वी यादव द्वारा दाखिल किए गए सम्पति और उम्र के झूठे शपथपत्र के खिलाफ कार्रवाई करना मुख्यमंत्री के दायरे से बाहर कैसे हैं? जेल में कुख्यात डॉन शहाबुद्दीन से मिलने वाले मंत्री अब्दुल गफूर के खिलाफ कार्रवाई करना भी क्या मुख्यमंत्री के दायरे से बाहर है? क्या बिहार की बदनामी के डर से विपक्ष टॉपर घोटाले और शिक्षा-परीक्षा की बदहाली को उजागर नहीं करें? सजायफ्ता लालू प्रसाद और लोकतंत्र की हत्यारी कांग्रेस के साथ सरकार चलाने वाले मुख्यमंत्री आखिर किस तरह के लोकतंत्र में विश्वास  करते हैं.

यह भी पढ़ें-  सुमो ने नीतीश को लिखा खत, कहा- एमएलए को-ऑपरेटिव की अनियमितताओं की हो जांच