लालू-शहाबुद्दीन टेप : सुमो ने कहा-एक्शन लें नीतीश, मिलेंगे राज्यपाल से

लाइव सिटीज डेस्क : लालू प्रसाद और शहाबुद्दीन के बातचीत का टेप मीडिया में आने के बाद से देश की सियासत गर्म हो चला है. चैनल रिपब्लिक के माध्यम से देश के बड़े जर्नालिस्ट अर्नब गोस्वामी ने इस टेप को सार्वजनिक कर राजनीति में भूचाल ला दिया है. अब इस टेप के जारी होने के बाद से  राजनीतिक दलों प्रतिक्रियाएं भी आने लगी हैं. सबसे पहले इस पर भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी ने हमला बोला है.  

लालू पर पहले से बेनामी संपत्ति को लेकर हमलावर सुमो अब और भी ज्यादा कड़े तेवर में आ गए हैं. उन्होंने लालू-शहाबुद्दीन मामले पर नीतीश कुमार को एक्शन लेने को कहा है.  उन्होंने ट्वीट किया कि अर्नब अपने नए चैनल के साथ वापस मीडिया में लौट आये हैं.  उन्होंने आगे लिखा है कि शहाबुद्दीन अब तक राजद के राष्ट्रीय कार्यकारिणी में बने हुए हैं. उन्हें सस्पेंड या एक्स्पेल्ड करने का प्रश्न कहा है ?



लगातार सुमो ट्वीट करते हुए शहाबुद्दीन से जुड़े सभी तथ्यों को रख रहे हैं. उन्होंने  नीतीश सरकार में मंत्री अब्दुल गफूर का जेल में शहाबुद्दीन से मिलने और सिद्दकी का शहाबुद्दीन के परिवार से मिलने का भी मामला उठाया है. 

उन्होंने कहा कि शहाबुद्दीन को सिवान से तिहाड़ शिफ्टिंग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान भी नीतीश कुमार खामोश बैठे थे.

इधर आरजेडी के नेता व पूर्व सांसद जगदानंद सिंह ने कहा कि लालू का शहाबुद्दीन से बात करना गलत. लेकिन हम शहाबुद्दीन को पार्टी से नहीं निकालेंगे.  वो हमारी पार्टी के नेता हैं और रहेंगे.

इधर जदयू और कांग्रेस ने इस टेप की जांच के बाद ही टिपण्णी करने की बात कही है. वहीं सुशील मोदी ने इस मामले पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से एक डेलिगेशन को राज्यपाल से मिलने की बात भी कही है.

टेप हुई बातचीत का अंश 

टेप में शहाबुद्दीन लालू से यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि ‘ये सब तो दंगा करवा देंगे.  ख़त्म है आपका एसपी.” जारी टेप में शहाबुद्दीन कहते हैं कि “रामनवमी के दिन सीवान में पुलिस तैनात नहीं होनी चाहिए थी. इतना ही नहीं शहाबुद्दीन दंगे होने की बात कहकर लालू को चेतावनी देने की भी कोशिश करता है. शहाबुद्दीन लालू को बताते हैं कि सीवान के आसपास रामनवमी के दिन पत्थरबाजी और गोलियां चली हैं. लालू यादव पूरी बात सुन रहे होते हैं और अंत में ‘एसपी को फोन लगाते हैं’ कहकर फोन रख देते हैं. ऑडियो में पहले कोई और फोन उठाता है. जिससे शाहबुद्दीन कहते हैं कि उनको लालू से बात करनी है. फिर वह शख्स लालू को फोन देता है.”

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