सुशील मोदी ने राजद पर साधा निशाना, कहा- अपने समय का चुनावी हिंसा याद नहीं क्या ?

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: आगामी बिहार विधानसभा चुनाव शुरू होने में अब बस कुछ ही दिन बाकी है. 28 अक्टूबर को पहले चरण का चुनाव होना है. ऐसे में बिहार में जनसभाओं का दौर जारी है. इसी कड़ी में तेजस्वी यादव ने अपने एक बयान में बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी पर बेहूदा बयान देने का आरोप क्या लगा दिया. उन्होंने भी तीखा जवाब दे दिया है.

सुशील मोदी ने कल देर रात एक के बाद एक पांच ट्वीट कर डाले. अपने पहले ट्वीट में वह लिखते हैं कि राजद ने कांग्रेस और वामपंथियों की संगत से यही सीखा कि गलत इतिहास पढ़ाकर या अतीत के अप्रिय सच को छिपा कर लंबे समय तक राज किया जा सकता है. आज राजद अपने 15 साल के कुशासन को भुलाकर वोट लेना चाहता है, इसलिए लालू-राबड़ी की तस्वीर इनके पोस्टर से गायब है.



वहीं दूसरे ट्वीट में सुशील मोदी लिखते हैं कि वे नरसंहार, अपहरण उद्योग और पलायन का काला अतीत नई पीढ़ी से छिपा कर चुनाव जीतना चाहते हैं.

राजद- कांग्रेस ने पूरी कोशिश की कि अयोध्या के रामजन्म भूमि स्थल पर प्राचीन राम मंदिर को ध्वस्त कर वहां मस्जिद का ढांचा खड़ा करने का सत्य छिपाये रख कर वोटबैंक की राजनीति की जाए.

जब संतों के मार्गदर्शन में सत्य की विजय हुई और राम मंदिर निर्माण के लिए भूमिपूजन हुआ, तब महागठबंधन में शामिल किसी दल ने बधाई नहीं दी. जिन्होंने रामकाज में बाधा डाली, भ्रष्टाचार और असत्य का साथ दिया, वे जेल में हैं.

राजद के कार्यकाल में 1990 से लेकर 2004 तक हुए लोकसभा, विधान सभा व पंचायत के कुल 9 चुनावों में हुई हिंसक घटनाओं में 641 लोग मारे गए थे. 2000 के विधान सभा चुनाव में 39 स्थानों पर फायरिंग हुई थी, जिसमें 61 लोग मारे गए थे.