आरजेडी-कांग्रेस पर सुशील मोदी का हमला, कहा-मांझी के निकलते ही महागठबंधन पीसीएफ बन गया

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने एकबार फिर विपक्ष पर हमला बोला है. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि अब यह साफ हो गया कि विधानसभा चुनाव में एनडीए के सामने दरअसल केवल दो आदतन भ्रष्टाचारी और परम्परागत वंशवादी दल होंगे.

इससे जनता को यह फैसला करने में आसानी होगी कि कौन न्याय के साथ विकास को आगे बढायेगा और किसकी नीयत काम के बदले जमीन लिखवाने की रहेगी. जीतन राम मांझी के राजद-कांग्रेस का साथ छोड़ने के बाद विपक्ष सिर्फ राजद-कांग्रेस का साझा पोलिटिकल करप्शन फोरम (पीसीएफ) रह गया है. उसे अब महागठबंधन कहना धोखा है.



आगे उन्होंने लिखा है कि लालू प्रसाद जब सत्ता में रहे, तब उनके 15 साल में 118 नरसंहार हुए. दलितों की हत्याएं हुईं, लेकिन उन्हें मुखिया-सरपंच बनने का मौका नहीं दिया गया. वे जब विपक्ष में आये तो पुत्र मोह में दलित नेताओं का अपमान किया. दलित-पिछड़े-अतिपिछड़े समाज के चंद लोगों को शो-रूम आइटम बना कर लालू प्रसाद की पार्टी चुनाव नहीं जीत पाएगी.

बता दें कि जीतनराम मांझी ने महागठबंधन से नाता तोड़कर एनडीए में शामिल होने का ऐलान कर दिया है. मांझी की ओर से इसका औपचारिक घोषणा कर दी गयी है. महागठबंधन छोड़ने के पीछे के कारणों को बताते हुए मांझी ने कहा कि घटक दलों के बीच समन्वय बैठाने के लिए हमने को-ऑर्डिनेशन कमेटी गठन करने की मांग की. लेकिन हरबार मेरी मांग को अनसूना किया जाता रहा.

वहीं अपने बेटे संतोष मांझी को एमएलसी बनाए जाने को लेकर मांझी ने आरजेडी को आईना दिखाते हुए कहा कि मेरे बेटे को एमएलसी बनाकर लालू यादव ने कोई एहसान नहीं किया. शर्त के अनुसार मेरे बेटे को एमएलसी बनाया गया. मांझी ने आरजेडी में भाई भतीजावाद और भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया.