पटना में चार दिनों से धरना पर बैठे हैं शिक्षक अभ्यर्थी, सरकार नहीं ले रही सुध, आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : शिक्षक अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है. लेकिन सरकार की ओर से धरना खत्म कराने को लेकर किसी प्रकार की पहल नहीं की जा रही है. टीईटी शिक्षक संघ के प्रदेश संयोजक अमित विक्रम ने  बिहार सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जल्द से जल्द शिक्षक अभ्यर्थियों के काउंसलिंग और नियुक्ति की तिथि घोषित की जाए, अन्यथा बिहार के सवा लाख 20 शिक्षक भी शिक्षक अभ्यर्थियों के साथ आंदोलन में कूद पड़ेंगे.

पिछले डेढ़ साल से लंबित शिक्षक नियोजन प्रक्रिया को पूरी करवाने के लिए 18 जनवरी से गर्दनीबाग में चल रहे हैं शिक्षक अभ्यर्थियों के आंदोलन का नतीजा चौथे दिन भी सिफर रहा. शिक्षक अभ्यर्थियों की मांग थी कि जल्द से जल्द उनकी काउंसलिंग और नियुक्ति का डेट शेड्यूल जारी किया जाए. इस संबंध में वे शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव से वार्ता करना चाहते थे. लेकिन धरनास्थल पर मौजूद मजिस्ट्रेट के द्वारा बताया गया कि आज प्रधान सचिव शिक्षा विभाग पटना से बाहर हैं और शिक्षा मंत्री भी उपलब्ध नहीं है इस वजह से किसी से भी आज वार्ता नहीं हो पाई। ऐसे में धरना प्रदर्शन कल भी जारी रहेगा.



टीईटी शिक्षक संघ के प्रदेश संयोजक अमित विक्रम ने लगातार चार दिन से धरना प्रदर्शन कर रहे शिक्षक अभ्यर्थियों से सरकार द्वारा वार्ता तक ना किए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया. उन्होंने कहा कि पिछले 4 दिनों से शिक्षक अभ्यर्थी इस भयानक ठंड में पटना में धरना प्रदर्शन करने को मजबूर हैं. लेकिन शिक्षा विभाग के आला अधिकारी शिक्षक अभ्यर्थियों से बात करने के बजाय तरह-तरह की बहानेबाजी कर रहे हैं.

उन्होंने विशेषकर प्राथमिक शिक्षा निदेशक रंजीत कुमार सिंह को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि निदेशक महोदय सुबह-शाम फेसबुक पर पहले काउंसलिंग की डेट जारी किया करते थे और जल्द से जल्द नियोजन होने का आश्वासन देते रहते थे. लेकिन आज जब शिक्षक अभ्यर्थी पटना की सड़कों पर आंदोलनरत हैं तो उनके तरफ से कोई भी पहल नहीं की जा रही है.

संघ के प्रदेश महासचिव उदय शंकर सिंह ने सरकार को चेतावनी जारी करते हुए कहा कि यदि जल्द से जल्द शिक्षक अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र नहीं दिया गया तो बिहार के सवा लाख टीईटी शिक्षक भी आंदोलन में कूद पड़े गे सरकार 27 जनवरी से विद्यालयों को खोलने का विचार कर रही है.

ऐसे में टीईटी शिक्षक कार्य बहिष्कार कर धरना प्रदर्शन तक करते हुए प्रत्यक्ष रूप से अभ्यर्थियों के समर्थन में उतर सकते हैं. उन्होंने सरकार से मांग की कि जल्द से जल्द शिक्षक अभ्यर्थियों के लिए काउंसलिंग की तिथि जारी की जाए और नियुक्ति पत्र देने की तिथि भी घोषित की जाए.