2020 में तेजप्रताप यहां से लड़ेंगे चुनाव, लाइव सिटीज की खबर पर लगी मुहर

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क :महागठबंधन में किसे कितनी सीटें मिलेंगी यह कहना अभी थोड़ी जल्दीबाजी होगी. लेकिन लालू के बड़े लाल तेजप्रताप कहां से चुनाव लड़ेंगे इसपर से पर्दा जरूर हट गया है. रांची में पिता लालू प्रसाद से मिलकर तेजप्रताप ने महुआ से चुनाव नहीं लड़ने की अपनी मंशा जाहिर कर दी है.

लाइव सिटीज बुधवार को भी तेजप्रताप के सीट को लेकर साफ कर दिया था. जिसपर आज मुहर लग गयी. पुख्ता जानकारी के अनुसार तेजप्रताप यादव 2020 का चुनाव महुआ से नहीं लड़ना चाहते हैं. वो इसबार समस्तीपुर के हसनपुर सीट से ताल ठोकने की अपनी मंशा से लालू प्रसाद को अवगत करा दिया है. तेजप्रताप ने पिता से साफ कर दिया कि किसी भी सूरत में वो हसनपुर सीट से ही चुनाव लड़ेंगे.



लालू प्रसाद से मुलाकात के दौरान तेजप्रताप ने खुद और अपने समर्थकों के लिए हसनपुर समेत बिहार के पांच सीटों पर दावा कर दिया है. उन्होंने कहा कि हमारी सूची बहुत छोटी है. इसलिए इसपर किसी को एतराज नहीं होनी चाहिए.

मुलाकात के दौरान उन्होंने कहा कि इन पांच सीटों पर वो खुद और अपने समर्थकों को चुनाव लड़ाएंगे. और जीतकर दिखाएंगे. जिन पांच सीट की तेजप्रताप ने लालू से मांग की है उनमें कई पर आरजेडी के ही सीटिंग एमएलए हैं तो कई विरोधी खेमे के कब्जे में है.  

जिन पांच सीटों की मांग तेजप्रताप ने लालू यादव से की है.

1.हसनपुर सीट- फिलहाल इस सीट पर कब्जा जेडीयू का है. 2015 के चुनाव में राजकुमार राय ने रालोसपा के विनोद चौधरी को हराया था. यादव बहुल इलाका होने के कारण इस सीट पर वीआईपी और रालोसपा की भी नजर थी. लेकिन तेजप्रताप के दावा ठोकने के बाद वीआईपी और रालोसपा को यह सीट मिलना असंभव दिखता है.

2. शिवहर सीट- इस सीट पर तेजप्रताप ने दावा ठोक दिया है. वो यहां से अंगेश सिंह उर्फ अंगराज को चुनाव लड़ना चाहते है. बता दें कि अंगराज मूल रूप से शिवहर के ही रहने वाले हैं. लेकिन यूपी के लखनऊ में ये कारोबार करते है. लोकसभा चुनाव के दौरान अंगेश के लिए तेजप्रताप ने टिकट की मांग की थी. लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली. यह सीट भी जेडीयू के कब्जे में है. 2015 के चुनाव में यहां से शर्फुद्दीन ने लवली आनंद को हराया था.

3. हरनौत सीट- इस सीट से तेजप्रताप अपने समर्थक धर्मेंन्द्र कुमार उर्फ धर्मेन्द्र सिंह को चुनाव लड़ना चाहते है. बताया जाता है कि धर्मेन्द्र सिंह लंबे अर्से से तेजप्रताप से जुड़े है. यह सीट भी जेडीयू के कब्जे वाली सीट हैं. 2015 के चुनाव में यहां से हरिनारायण सिंह ने लोजपा के अरूण कुमार को हराया था.

4. काराकाट सीट- यह सीट आरजेडी के कब्जे वाली सीटी है. यहां से 2015 के चुनाव में आरजेडी के टिकट पर संजय यादव ने जीत हासिल की है. तेजप्रताप यादव यहां से अपने समर्थक संजीव कुमार को चुनाव लड़ना चाहते है. ऐसे में अगर तेजप्रताप की बात लालू यादव मान गए तो संजय यादव के लिए मुश्किल हो जाएगी.

5. जहानाबाद सीट- यह सीट आरजेडी की कब्जे वाली सीट है. यहां से तेजप्रताप चंद्र प्रकाश यादव को चुनाव लड़ना चाहते है. 2015 के चुनाव में आरजेडी की टिकट पर मुंद्रिका यादव ने जीत हासिल किया था. लेकिन बीच में उनका निधन हो गया. इस सीट पर हुए उपचुनाव में आरजेडी के ही सुदय यादव (स्वर्गीय मुंद्रिका यादव के बेटे हैं) को उम्मीदवार बनाया. और जीत हासिल कर इस सीट को आरजेडी के खाते मे डाल दिया.

इन पांच सीटों की सूची तेजप्रताप यादव ने लालू प्रसाद के समक्ष पेश किया है. अब सबकुछ लालू प्रसाद के फैसले पर निर्भर करेगा. उनका फैसला आने के बाद सुनिश्चित हो पाएगा की तेजप्रताप ने अपनी कोशिशों में कितने सफल हो पाते है.