बोले तेजस्वी – पार्टियों को छोड़ना होगा अहंकार, पीएम मुद्दा नहीं संविधान बचाना अहम है

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लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्कः लोकसभा और विधानसभा चुनाव के करीब आने के साथ ही साथ, बिहार में सियासत जोरों पर है. विपक्ष के सामने सबसे बड़ी चुनौती है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी और राज्य की नीतीश कुमार की सरकार को पटखनी कैसे दी जाए. इसी कड़ी में राजद सुप्रीमो लालू यादव के सियासत से गैरहाजिरी में बेटे तेजस्वी यादव ने जिम्मेदारियां उठा ली हैं. बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव लगातार सबको समेटने और एनडीए विरोधी मोर्चे को मजबूत करने में जुटे हैं. सबको साथ आने की अपील कर रहे हैं.

पीएम का मुद्दा नहीं संविधान बचाना जरूरी – तेजस्वी

तेजस्वी यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री उम्मीदवार का मुद्दा महत्वपूर्ण नहीं है. संविधान बचाने के लिए सबसे ज्यादा जरूरत यह है कि सभी विपक्षी दल एक साथ आएं. उन्होंने कहा कि मेरी नजर में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के बारे में बात करना प्राथमिकता नहीं है क्योंकि देश खतरे का सामना कर रहा है. संविधान, लोकतंत्र और आरक्षण खतरे में है.

अहंकार और मतभेदों को पीछे छोड़ना होगा

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में जहां कांग्रेस सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी नहीं है वहां उसे अन्य दलों को ड्राइविंग सीट पर रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि 2019 में भाजपा का मिलकर मुकाबला करने के लिए पार्टियों को अहंकार से दूर रहने की जरूरत है. सामाजिक न्याय और धर्म निरपेक्षता में विश्वास करने वाले विपक्ष के सभी राजनीतिक दलों को अपने अहंकार और मतभेदों को पीछे छोड़कर संविधान बचाने के लिए एक साथ आना चाहिए.

तेजस्वी ने कहा कि कांग्रेस को अपनी रणनीति में केवल अपने हित ही नहीं बल्कि अपने सहयोगियों के हितों को भी ध्यान में रखना चाहिए. यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उन्हें पूरा सम्मान दिया जाए. जाहिर है कि तेजस्वी यादव ने अपने बयानों सिर्फ केंद्र की मोदी सरकार निशाना नहीं साधा. बल्कि उन्होंने एक संदेश दिया है. अब साथ आने का वक्त आ गया है.