लाइव सिटीज से तेजस्वी ने की बात, प्रधान संपादक ज्ञानेश्वर के तीखे सवालों पर कहा- हां ! मैं बनूंगा बिहार का सीएम…पढ़िए पूरा इंटरव्यू

लाइव सिटीज,सेंट्रल डेस्क : राजद के मुखिया लालू यादव के छोटे लाल, कद्दावर युवा नेता व पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव महागठबंधन की ओर से सीएम मैटेरियल हैं. उनके चेहरे पर बिहार 2020 की जंग लड़ी जा रही है. तेजस्वी दूसरे चरण की वोटिंग के पहले तक लगभग 200 सभाएं कर चुके हैं. वे भाषणा में खुद कहते हैं कि हेलीकॉप्टर को हमने ट्रैक्टर बना दिया है. पहली कैबिनेट में पहली कलम से 10 लाख नौकरी के वादे को युवाओं ने हाथों-हाथ लिया है. उन्होंने जंगलराज पर भी खुलकर बोले. मंगलवार को तेजस्वी ने लाइव सिटीज के प्रधान संपादक ज्ञानेश्वर से खास बात की. प्रस्तुत है बातचीत के प्रमुख अंश:  

प्रश्न— किस विश्वास के साथ कह रहे हैं कि महागठबंधन सत्ता में आएगा, एनडीए तो नहीं मान रहा है, 10 नवंबर को क्या आंकड़ा रहेगा?



तेजस्वी : पूर्ण बहुमत के साथ महागठबंधन की सरकार बिहार में आएगी. कोई हंग-भंग या त्रिशंकु की स्थिति नहीं होगी. पूरे बहुमत से महागठबंधन की सरकार बनेगी. बिहार की जनता ने मन बना लिया है. लोगों में नीतीश जी के प्रति आक्रोश ही नहीं है, बल्कि वे उनसे नफरत करने लगे हैं. लोगों को डबल इंजन की सरकार ने केवल ठगने का काम किया है. हमलोगों ने जनता को जो विकल्प दिया है- पढ़ाई, कमाई, सिंचाई, दवाई, कार्यवाही, सनुवाई का, उससे यहां के लोगों के मन में उम्मीद व आशा जगी है. आप बिहार पॉलिटिक्स को देखते रहे हैं. बिहार की जनता ने हमेशा से स्पष्ट मेंडेट दिया है. हम आपको एक नंबर तो नहीं बता पांएगे, लेकिन एक कंफर्टेबली मैजोरिटी में हमलोग बहुमत प्राप्त कर रहे हैं, कोई हंग-त्रिशंकु नहीं. चाचा की विदाई तय है. एनडीए की विदाई तय है.    

प्रश्न — पहली कलम, पहला कैबिनेट, 10 लाख नौकरी… देंगे न?

तेजस्वी : हम तो समय भी बता रहे हैं दिन भी बता रहे हैं, यह सच होने जा रहा है. इसे लेकर ज्यादा रिसर्च करने की जरूरत नहीं थी. हमने एक्सपर्ट से बात की. उनसे चर्चा की. हमने देखा कि खाली पड़े पद साढ़े चार लाख हैं. शिक्षा विभाग में, स्वास्थ्य विभाग में, पुलिस महकमे में, जूनियर इंजीनियर के खाली पड़े 60 परसेंट पद, सपोर्टिंग स्टाफ, ये सब मिलाकर साढ़े चार लाख होते हैं. इसके लिए बजट की भी दिक्कत नहीं है. प्लान और नॉन प्लान में इस बजट का पहले से प्रावधान है. रह गई साढ़े पांच लाख नौकरियां… तो राष्ट्रीय औसत दर पर आने के लिए यह तो करना ही होगा. जैसे अभी प्रोफेसर नहीं है? डॉक्टर नहीं है? एक लाख की आबादी पर बिहार में महज 77 पुलिसकर्मी हैं, जबकि मणिपुर में इतनी ही आबादी पर 1000 पुलिसकर्मी हैं. अगर आपको शिक्षा, स्वास्थ्य व इंजीनियर विभाग को बेहतर बनाना है. पुलिस में स्टाफ की कमियों को दूर करना है तो यह सब करना ही होगा. यहां केवल नौकरी देने की बात नहीं हो रही है, बल्कि सिस्टम को रिवाइव किया जाएगा. पूरे डिपार्टमेंट को रिवाइव किया जाएगा. जिससे हेल्थ, एजुकेशन, इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट की स्थिति अच्छी होगी. 10 लाख नौकरी से व्यारियों को फायदा होगा.

प्रश्न — व्यापारियों को फायदा होगा?

तेजस्वी : हां, 10 लाख लोगों को नौकरी देने से व्यापारियों को भी फायदा होगा. नौकरी वालों को जो पैसे मिलेंगे, उन पैसों को वे कहां खर्च करेंगे. यहीं न खर्च करेंगे. उनका पैसा यहीं घूमेगा. रेवेन्यू भी मिलेगा. हम केवल 10 लाख की नौकरी की ही बात नहीं कर रहे हैं, बल्कि बिहार में चीनी मिल, जूट मिल, पेपर मिल जो बंद पड़े हैं, उन्हें भी खुलवाएंगे. वहां लोगों को नौकरी देंगे. ‘मिलों को खुलवाएंगे… नरेंद्र मोदी ने कहा था कि हम आकर खोलेंगे, यहां चाय पीएंगे? के सवाल पर उन्होंने कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोतिहारी के चीनी मिल की बात कही थी. लेकिन बिहार की जनता ने हमें मौका दे रही है. हम चीनी मिल खुलवाएंगे और वहां चीनी उत्पादन कराएंगे. इतना ही नहीं, उसी चीनी से नरेंद्र मोदी को भी चाय पिलवाएंगे. इसके लिए इच्छाशक्ति होनी चाहिए. बिहार में मक्का, मखाना के लिए फूड प्रोसेसिंग पर काम किया जाएगा. सरकार ने तो टूरिज्म पर कोई ध्यान ही नहीं दिया. खेलकूद को तो चौपट कर दिया. आइटी सेक्टर पर भी कोई काम नहीं हुआ है. आइटी पार्क नहीं है बिहार में. आप नहीं चाहते हैं यहां अच्छा स्टेडियम हो. यहां स्टेडियम होगा तो लोग आएंगे और यहां का रेवेन्यू बढ़ेगा. नीतीश जी ने निवेश के लिए कौन-सा प्रयास किया? आप ही बताइए, बिहार फाउंडेशन क्यों बना है? ब्रांडिंग बिजनेस एंड बाउंडिंग बिटविन बिहारी. लेकिन इस पर कोई काम नहीं हुआ. 

प्रश्न — बिहार से बाहर चले गए बच्चों को वापस लाने के लिए क्या रोडमैप है? 10 लाख नौकरी की प्रक्रिया कब तक पूरी होगी?

तेजस्वी : पढ़ाई, कमाई और दवाई के लिए ही तो बच्चे बाहर जा रहे हैं. इस पर जब काम होगा तो वे खुद वापस आएंगे. आपने ध्यान नहीं दिया होगा. मैंने संकल्प पत्र में इस पर फोकस किया गया है. एक चीज महत्वपूर्ण है. सामान्य व आरक्षित वर्गों के लिए काम किया जा रहा है. एज को लेकर. बीपीएससी में जो लेटलतीफा चल रहा है, उसमें हमलोग उम्र पर राहत देंगे. लेटलतीफा को लेकर जब बच्चे सवाल करते हैं तो नीतीश जी उन पर लाठी चलवाते हैं. इसे हमलोग सही करेंगे. कोर्सेज समय पर पूरी होंगी. जहां तक 10 लाख की नौकरी की बात है तो, जब हम उपमुख्यमंत्री थे तब भी लोग हम पर डाउट करते थे. लेकिन मैंने कई काम किया. गांधी सेतु से लेकर पीपा पुल तक पर काम किया. समानान्तर पीपा पुल दिया. पहला डबल डेकर फ्लाई ओवर छपरा में हमने दिया. बिहार मेंं डोमिसाइल नीति बनाएंगे. बिहार में रोजगार पर पहला हक बिहारियों को मिलेगा. इसे लालू जी भी लागू करने की बात कहते थे. यह नीति महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में लागू भी है.

प्रश्न — समान काम समान वेतन को कैसे लागू करेंगे?

तेजस्वी : समान काम समान वेतन बिल्कुल देंगे. आपको पता ही है, यह मामला कोर्ट में था. सुप्रीम कोर्ट को अपना फैसला आया. इस मामले में सरकार ने भी अपना पक्ष रखा. बाद में नीतीश जी ने कहा कि नियोजित शिक्षकों को थोड़ा-थोड़ा पैसा बढ़ाएंगे. अरे, इसमें थोड़ा-थोड़ा आप कैसे बढ़ाएंगे. इसका मतलब कि नीतीश जी काम नहीं करना चाहते हैं. वे बिल्कुल थक चुके हैं. केवल नियोजित शिक्षक ही नहीं हैं, जीविका दीदी हैं, आशा वर्कर हैं. सबको परमानेंट करेंगे. देख लीजिए चुनावी ड्यूटी में भी शिक्षक ड्यूटी कर रहे हैं. बताइए, एक शिक्षक कहां-कहां ड्यूटी करेंगे? नियोजित शिक्षकों समेत तमाम विभाग में टेंडर वालों की समस्याएं दूर की जाएंगी. बिहार के स्टूडेंट्स को प्रतियोगी परीक्षा के लिए फ्री में सेंटर पर पहुंचाया जाएगा. प्रतियोगी परीक्षा के फॉर्म भी बिल्कुल निशुल्क भरे जाएंगे. बीपीएससी को भी ठीक करेंगे.

प्रश्न — विपक्ष का आरोप कि महागठबंधन आएगा तो जंगलराज आ जाएगा, इस ठप्पे को कैसे दूर करेंगे?

तेजस्वी : जिनके पास कुछ अपनी उपलब्धि न हो, वे इतिहास के बासी पन्नों की बात करते हैं. हम वर्तमान और भविष्य की बात करते हैं. हम 18 महीने सरकार में रहे थे, तब कहां भय का वातावरण था. हम उपमुख्यमंत्री रहे. वे लोग मेरे काम पर कहां सवाल उठा रहे हैं. हमने काम करके दिखाया है. नीतीश के शासन में पुलिस जीप धक्के देती है और अपराधी स्कॉर्पियो पर घूमते हैं. राइफल चमकाने वाले लोग जेल के अंदर होंगे. यहां तगड़ा कानून राज रहेगा. ‘बाबू साहेब’ के बयान पर सफाई देते हुए कहा कि हमारी पार्टी ए टू जेड की थी, है और आगे भी रहेगी. कुछ लोग हमारे खिलाफ प्रोपगेंडा चलाकर बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं. हम सबको साथ लेकर चलेंगे. भूमिहार, ब्राह्मण, राजपूत, लाला सब साथ रहेंगे. लालू जी भी सबको साथ लेकर चले थे. लालू व राबड़ी के शासन में भी कई सवर्ण मंत्री बने थे.