जीतनराम मांझी से छिन गयी ‘टेलिफोन’, 20 अगस्त को ले सकते हैं बड़ा फैसला

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: बिहार विधानसभा चुनाव-2020 के पहले पूर्व सीएम जीतन राम मांझी के हाथों से ‘टेलिफोन’ को छिन लिया गया है. चुनाव आयोग ने मांझी की पार्टी का चुनाव सिंबल को बदल दिया. हम का चुनाव चिन्ह टेलिफोन को चुनाव आयोग ने रद्द कर दिया है.

दो चुनावों में चार प्रतिशत से कम वोट पाने की वजह से हम पार्टी के चुनाव चिन्ह को रद्द किया गया है. 2015 के विधानसभा चुनाव में जीतन राम मांझी की पार्टी को कम वोट मिले थे. चुनाव आयोग के अऩुसार किसी भी पार्टी के चुनाव चिन्हा बरकरार रखने के लिए 4 प्रतिशत वोट या दो विधानसभा सीट पर जीत दर्ज कराना जरूरी है.



चुनाव चिन्ह रद्द होने की जानकारी जीतनराम मांझी ने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक के दौरान दी. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि 20 अगस्त को पार्टी की कोर कमेटी की बैठक है. बैठक में नए गठबंधन में शामिल होने पर फैसला लिया जा सकता है.    

जीतनराम मांझी की पार्टी अभी महागठबंधन में शामिल है. लेकिन हाल के दिनों में महागठबंधन से इनकी खटपट चल रही है. लगातार महागठबंधन के सबसे बड़े घटक दल आरजेडी की कार्यशैली पर जीतनराम मांझी सवाल उठाते रहे है. जिसको लेकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि मांझी महागठबंधन से नाता तोड़ सकते हैं.

हाल के दिनों में मांझी नीतीश सरकार के कार्यो की खूब सराहना करते दिख रहे है, जिससे ज्यादा आसार जदयू के साथ जाने का हैं.