भागलपुर में टल गया बड़ा हादसा, अर्घ्य के लिए बनाया छठ घाट गंगा नदी में अचानक होने लगा विलीन…

लाइव सिटीज,सेंट्रल डेस्क : भागलपुर में एक बड़ा हादसा टल गया. जिले के सबौर प्रखंड के इंग्लिश फरका गांव के व्रती अपने पूरे परिवार के साथ भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के लिए गंगा घाट पहुंचे थे. इसी दौरान गंगा किनारे कटाव तेज गति से होने लगा.  देखते ही देखते लगभग 50 मीटर से ज्यादा की लंबाई में अर्घ्यदान के लिए बनाया गया छठ घाट गंगा नदी में विलीन हो गया.

हालांकि, खुशकिस्मती यह रही कि घाट पर उस समय तक छठव्रती नहीं पहुंचे थे. अगर अर्घ्यदान के वक्त यह हादसा होता तो कई छठव्रती गंगा धसान के शिकार हो जाते. घटना के बाद सबौर प्रखंड के सीओ ने आपदा विभाग को सूचित किया, जिसके बाद एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और छठव्रती को अलर्ट किया.



बता दें कि लोक आस्था का महापर्व छठ शनिवार को उदयाचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही संपन्न हो गया. घर से लेकर घाट तक छठ ही छठ छाया रहा. शहर हो या गांव कोरोना संकट पर आस्था भारी पड़ गई. गंगा तटों से लेकर तालाबों व जलाशयों में भी श्रद्धालुओं की जबर्दस्त भीड़ रही. राजधानी पटना सहित पूरे बिहार में छठ व्रतियों ने नदियों और तालाबों के किनारे आकर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया. खासकर, शहरों में घरों और अपार्टमेंट की छतों पर भी अर्घ्य दिया गया. कोरोना संकट को लेकर प्रशासन की अपील का असर दिखा.

 राजधानी में शांति पूर्वक छठ संपन्न होने पर जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली है. इसको लेकर प्रमंडलीय आयुक्त संजय कुमार अग्रवाल ने मीडिया से कहा कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए पिछले वर्ष की तुलना में 35 परसेंट कम लोग गंगा घाट पर अर्घ्‍य देने पहुंचे थे. प्रशासन भी इसे लेकर लोगों से घर की छतों पर ही छठ मनाने की अपील कई दिनों से कर रहा था. इसे लोगों ने सकारात्मक ढंग से लिया.