कोरोना काल में पटना की मेयर सीता साहू की कुर्सी जाएगी या बचेगी, फैसला आज

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: पटना नगर निगम की मेयर सीता साहू की आज अग्नि परीक्षा है.आज उनके खिलाफ लाये गए अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग होनी है. मेयर सीता साहू के खिलाफ विपक्षी पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव लाया है. सीता साहू के विरोधी खेमे ने अपने साथ 55 पार्षदों के होने का दावा किया है. 41 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है जबकि मेयर गुट का दावा है कि उसके पास 45 पार्षद हैं.

मेयर सीता साहू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग के लिए 12:30 बजे से निगम की बैठक बुलाई गई है. पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में 12:30 बजे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए बैठक फिर शुरू होगी. इस दौरान जिले के प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहेंगे. जिला प्रशासन ने कोरोना संक्रमण को देखते हुए विपरीत परिस्थितियों के बावजूद बैठक के लिए सशर्त अनुमति दी है. इस दौरान वोटिंग कराने वाले प्रशासनिक अधिकारी पीपीई किट पहने नजर आएंगे.



पार्षदों ने आरोप लगाया कि मेयर ने अपने दायित्वों का ईमानदारी पूर्वक निर्वहन नहीं की, बल्कि भ्रष्टाचार और कमीशन खोरी को पटना नगर निगम में जमकर बढ़ावा दिया. आउटसोर्सिंग के नाम पर निगम में जमकर लूट-खसोट की गई. मेयर चाहतीं तो हर महीने प्रत्येक वार्ड से 5 लाख रुपये बचा सकती थी, लेकिन इसके उलट जो काम एक रुपए में निगम कर सकता था उसे दो रुपये में कराया गया.

पार्षदों ने आरोप लगाया कि मेयर का कारनामा उस दिन जग जाहिर हो गया जिस दिन कंकड़बाग के एक ठेकेदारों ने खुलेआम 25 कमीशन की मांग का आरोप लगाया. मेयर सीता साहू के कार्यकाल में पार्षदों का मान सम्मान काफी गिरा है. उन्हें हर एक काम के लिए टेबल-टेबल भटकना पड़ता है. पार्षदों ने कोरोना महामारी और जलजमाव को लेकर भी मेयर पर निशाना साधा.
सूत्रों की माने तो मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले वार्ड पार्षदों के बीच ही फूट पड़ चुकी है. सूत्र यह भी बताते हैं कि सीता साहू आश्वस्त हैं कि अविश्वास प्रस्ताव वोटिंग के दौरान गिर जाएगा. बताया यह भी गया कि मेयर सीता साहू के साथ 40 से अधिक पार्षद अभी भी खड़े हैं.