लोकआस्था का महापर्व छठ शांतिपूर्ण संपन्न, पटना जिला प्रशासन ने ली राहत की सांस

लाइव सिटीज,सेंट्रल डेस्क : लोक आस्था का महापर्व छठ शनिवार को उदयाचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही संपन्न हो गया. घर से लेकर घाट तक छठ ही छठ छाया रहा. शहर हो या गांव कोरोना संकट पर आस्था भारी पड़ गई. गंगा तटों से लेकर तालाबों व जलाशयों में भी श्रद्धालुओं की जबर्दस्त भीड़ रही. राजधानी पटना सहित पूरे बिहार में छठ व्रतियों ने नदियों और तालाबों के किनारे आकर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया. खासकर, शहरों में घरों और अपार्टमेंट की छतों पर भी अर्घ्य दिया गया. कोरोना संकट को लेकर प्रशासन की अपील का असर दिखा.

 राजधानी में शांति पूर्वक छठ संपन्न होने पर जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली है. इसको लेकर प्रमंडलीय आयुक्त संजय कुमार अग्रवाल ने मीडिया से कहा कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए पिछले वर्ष की तुलना में 35 परसेंट कम लोग गंगा घाट पर अर्घ्‍य देने पहुंचे थे. प्रशासन भी इसे लेकर लोगों से घर की छतों पर ही छठ मनाने की अपील कई दिनों से कर रहा था. इसे लोगों ने सकारात्मक ढंग से लिया.



उन्होंने कहा कि महापर्व छठ का सुरक्षित तरीके से समापन हो गया. कम समय मिलने के बाद भी जिला प्रशासन और नगर निगम ने गंगा घाटों को बखूबी तैयार कर लिया था. उन्होंने इसके लिए डीएम कुमार रवि, नगर आयुक्त हिमांशु शर्मा और पेसू महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह समेत संबंधित अफसरों की प्रशंसा की.

वहीं, डीएम कुमार रवि ने कहा कि कोराना संकट को देखते हुए घाटों तक वाहनों के आने पर रोक लगाई गई थी, इसका भी लाभ मिला. किसी व्रती को आने जाने में परेशानी नहीं हुई. सुरक्षित ढंग से व्रतियों ने अर्घ्‍य दिया. उधर एसएसपी उपेन्द्र शर्मा ने कहा कि जिला प्रशासन की अपील काम आयी. अधिकतर लोगों ने अपने-अपने घरों पर ही भगवान भास्कर की आराधना की. जिससे प्रशासन को काफी सहयोग मिला.