लोकआस्था का महापर्व छठ कल से, 20 नवंबर को पहला अर्घ्य व 21 को पारण

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : बिहार में लोकआस्था का चार दिवसीय महापर्व छठ बुधवार को नहाय-खाय के साथ शुरू हो जाएगा. इस चार दिवसीय महापर्व के पहले दिन छठव्रती श्रद्धालु नर-नारी अंत:करण की शुद्धि के लिए नहाय-खाय के संकल्प के साथ निर्मल एवं स्वच्छ जल में स्नान करने के बाद शुद्ध घी में बना अरवा भोजन ग्रहण कर इस व्रत को शुरू करेंगे.

इस दिन कद्दू की सब्जी अनिवार्य रूप से बनायी जाती है. कई जिलों में इसे कद्दू भात भी कहा जाता है. इसे लेकर श्रद्धालु आज से ही इसकी तैयारी शुरू कर दी है. व्रती घर की साफ-सफाई के साथ व्रत के लिए पूजन सामग्री खरीदने में जुट गए हैं.



नहाय-खाय के दूसरे दिन व्रती दिन भर बिना जलग्रहण किए उपवास रखने के बाद सूर्यास्त होने पर पूजा करते हैं और उसके बाद दूध और गुड़ से बनी खीर का भोग लगाया जाता है. इस दिन को खरना कहा जाता है. इसके बाद से उनका 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू होता है.

इस बार 20 नवंबर को पहला अर्घ्य तो 21 नवंबर को पारण है. इसी के साथ छठ पर्व का समापन हो जाएगा. छठ की तैयारी को देखते हुए डीएम ने पटना के घाटों का निरीक्षण किया. लोकआस्था का महापर्व छठ पूजा की तैयारी को लेकर प्रशासन पूरी तरह से चौकस है. घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सभी इंतजामों को बारीकी से देखा जा रहा है.

इस बीच पटना के डीएम कुमार रवि ने विभिन्न घाटों का जायजा लिया. इस दौरान प्रशासन के अन्य आला अधिकारी भी मौजूद रहे. वहीं डीएम कुमार रवि ने निरीक्षण के दौरान सभी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए. उन्होंने बताया कि निरीक्षण में 22 ऐसे घाटों चिह्नित किया गया, जो खतरनाक हैं और उन जगहों पर बैरिकेट करके लाल कपड़े लगाने के साथ बैनर भी लगा दिया गया है.