दलितों और अकलियतों के विकास के लिए राज्य सरकार ने किए कई काम, वर्चुअल रैली के दौरान सीएम नीतीश ने गिनायी उपलब्धियां

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : जेडीयू के निश्चय संवाद कार्यक्रम के तहत आयोजित वर्चुअल महारैली को सीएम नीतीश कुमार ने संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने सरकार की उपलब्धियों को गिनाया. उन्होंने एससी/एसटी, पिछड़ा, अतिपिछड़ा, अल्पसंख्यक, महिलाओं के लिए सरकार की ओर से चलायी जा रही योजनाओं की जानकारी दी.

उन्होंने कहा कि अतिपिछड़ा, अनुसूचित जाति , अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक सभी के कल्याण के लिए हमने योजना शुरूआत की. 2000 में जब चुनाव हुआ था तो किसी को आरक्षण नहीं था, हमने सभी को आरक्षण देने का काम किया.



दलितों के लिए सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना की शुरूआत की गयी. इस योजना के तहत बीपीएससी परीक्षा का पहला एग्जाम पास करने वाले दलित छात्रों को 50 हजार रूपया और यूपीएससी परीक्षा के पीटी पास करने वाले छात्रों को 1 लाख रूपया की सहायता राशि दी जाती है. राज्य सरकार की ओर से आरक्षण का प्रावधान किया गया. उच्च न्यायिक सेवा, कनीय सेवा में आरक्षण दिया गया है.

एससी/एसटी उद्यमी योजना चलायी जा रही है. जिससे आरक्षित वर्ग के युवा स्वालंबी बन रहे हैं. छात्रावासों के जीर्णोधार और नये भवनों का निर्माण कराया जा रहा है. बिना जमीन वाले को भी 60 हजार राज्य सरकार दे रही है. साथ ही जिनका नाम पीएम आवास योजना में छूट गया है उनको मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत राशि प्रदान किया जा रहा है. इन सभी कार्यों से एससी/एसटी, पिछड़ा, अतिपिछड़ा, अल्पसंख्यक और महिलाओं को मुख्य धारा में लाने का काम किया जा रहा है.

सीएम ने साल 2000 में कराए गए पंचायत चुनाव की याद दिलाते हुए कहा कि उस समय आरक्षण नहीं था. लेकिन हमारी सरकार बनी तो आरक्षण का प्रावधान किया गया. इसके परिणाम भी दिखने लगा. पंचायतों में मिले आरक्षण से महिलाएं चुनकर सामने आयी है.

बिहार में अल्पसंख्यकों के लिए बहुत सारे काम किए जाने की बात करते हुए कहा कि मदरसा शिक्षकों के स्थिति पहले क्या थी, लेकिन अब क्या है. इन्हें भी अन्य शिक्षकों के भांति सारी सेवाएं मिलने लगी. उर्दू शिक्षकों की बहाली के लिए हमलोगों ने कदम उठाया. बहुत जल्द 16,832 उर्दू शिक्षकों का नियोजन किया जाएगा.