विधानसभा के नये स्पीकर के संघर्ष की लंबी है दास्ता छात्र राजनीति से निकलकर पहुंचे यहां तक.

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: बीजेपी के कद्दावर नेता और लखीसराय से विधायक विजय कुमार सिन्हा बिहार विधानसभा के नए अध्यक्ष बन गये. बुधवार को बिहार विधानसभा के स्पीकर के लिए हुये चुनाव में विजय कुमार सिन्हा विजयी हो गये. उनकी जीत के बाद नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव उन्हें अध्यक्ष के आसन तक ले गए.


विजय कुमार सिन्हा के पक्ष में सदन के 126 सदस्यों ने अपना समर्थन दिया जिसके बाद उनको प्रोटेम स्पीकर जीतन राम मांझी ने अध्यक्ष घोषित किया. बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा लखीसराय से जीतकर आए हैं और पिछली सरकार में वो मंत्री भी रहे थे. ऐसे में विजय कुमार सिन्हा की राजनीतिक सफर जानना जरुरी है. इनकी राजनीतिक यात्रा कैसी रही है. किस सामाजिक परिवेश से निकलकर विजय राजनीति में आये.




विजय सिन्हा बिहार में बीजेपी के बड़े नेता माने जाते हैं. नीतीश कुमार की पिछली सरकार में श्रम मंत्री थे. लखीसराय की जनता ने उन्हें बीजेपी के उम्मीदवार के रूप में लगातार चौथी बार चुना है. सिन्हा भूमिहार समाज से आते हैं. नीतीश कुमार की पिछली सरकार के स्पीकर भी इसी जाति से थे. बिहार में पिछली बार स्पीकर की सीट जेडीयू के खाते में थी और भूमिहार समाज से आने वाले विजय चौधरी स्पीकर बने थे.

5 जून 1967 को जन्मे विजय कुमार सिन्हा के पिता शारदा सिंह पटना के बाढ़ स्थित बेढ़ना के हाई स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक थे. उनकी मां का नाम सुरमा देवी है. पैतृक निवास मोकामा के बादपुर में है. सिन्हा ने बेगूसराय के राजकीय पॉलिटक्निक से सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया है. सुशीला सिन्हा से इनकी शादी वर्ष 1986 में हुई थी.

इनकी रुचि सामाजिक, राजनैतिक और धार्मिक कार्यों में शुरू से रही है. बचपन में ही यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े थे. महज 13 वर्ष की उम्र में यानी 1980 में सिन्हा ने बाढ़ में आयोजित बीजेपी के कार्यक्रम में पारिवारिक भागीदारी में सहयोग किया था. 15 वर्ष की उम्र में बाढ़ के दुर्गापूजा समिति के सचिव के रूप में चुने गए. यहां से जब इनके भीतर संगठन में नेतृत्व क्षमता डेवलप होने लगी तो बाढ़ के ही एएन कॉलेज में पढ़ते हुए 1983 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की छात्र राजनीति में यह सक्रिय हो गए. इसी का नतीजा हुआ कि पॉलिटेक्निक में पढ़ते हुए 1985 में राजकीय पॉलिटेक्निक मुजफ्फरपुर छात्र संघ के अध्यक्ष बने.