शराबबंदी कानून में है त्रुटि, BJP नेता प्रेमरंजन पटेल ने कहा- हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं नीतीश कुमार

लाइव सिटीज, पटना डेस्क: शराबबंदी (Liquorban In Bihar) को लेकर बीजेपी-जेडीयू (BJP-JDU) में अब ठन गयी है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) के गृह जिला नालंदा (Nalanda) में जहरीली शराब से अभीतक 10 लोगों की मौत को बीजेपी ने दुखद बताया है. साथ ही शराबबंदी कानून पर एकबार फिर सवाल खड़े किए हैं. पार्टी प्रवक्ता प्रेमरंजन पटेल ने शराबबंदी पर समीक्षा की मांग की.

उन्होंने कहा कि बिहार में शराबबंदी है इसके बावजूद धड़ल्ले से शराब की बिक्री हो रही है. लोगों की जाने जा रही है. कहीं ना कहीं शराबबंदी कानून में त्रुटि है, जिसकी समीक्षा होनी चाहिए. बिहार में लागू शराबबंदी कानून को हास्यास्पद करार देते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी लगातार कानून में संशोधन की मांग कर रही है. लेकिन नीतीश सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है.

ऐसा नहीं की शराबबंदी कानून की समीक्षा की बात बीजेपी की ओर से पहली बार की गयी है. इसके पहले से ही पार्टी प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर संजय जायसवाल कानून में संशोधन की मांग करते आ रहे है. जिसको लेकर अब तो जेडीयू नेता और डॉक्टर संजय जायसवाल के बीच काफी तल्खियां भी बढ़ गयी है.

सिर्फ बीजेपी ही नहीं एनडीए के अन्य घटक दल हम ने भी कानून में संशोधन की मांग करती रही है. पार्टी सुप्रीमो व पूर्व सीएम जीतनराम मांझी ने कई दफा खुले मंच से भी शराबबंदी कानून पर सवाल खड़े कर चुके हैं. उनकी माने तो शराबबंदी कानून की मार सबसे अधिक गरीब लोगों पर पड़ी है.

बता दें कि  नालंदा के सोहसराय थाना क्षेत्र इलाके के छोटी पहाड़ी और पहाड़तल्ली मोहल्ला में संदेहास्पद स्थिति में अबतक 10 लोगों की मौत हो गई. मृतकों में 55 वर्षीय भागो मिस्त्री, 55 वर्षीय मन्ना मिस्त्री, 50 वर्षीय धर्मेंद्र उर्फ नागेश्वर और कालीचरण मिस्त्री समेत कई अन्य नाम शामिल है. सभी मृतकों के परिजन शराब पीने के बाद तबीयत बिगड़ने से मौत की बात बता रहे हैं.

जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया. थानाध्यक्ष सुरेश प्रसाद के बाद सदर डीएसपी डॉक्टर शिब्ली नोमानी मौके पर पहुंचकर परिजनों से जानकारी ले रहे हैं. हालांकि, अभी तक जहरीली शराब पीने से मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो रही है.