बेतिया के चनपटिया में रेडिमेड कपड़ों की इकाइयों का सीएम ने किया मुआयना, कहा- अब बिहार में ही मिलेगा रोजगार

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: पश्चिम चंपारण के नवप्रवर्तन स्टार्ट अप जोन चनपटिया में रेडिमेड कपड़ों की इकाइयों का मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुआयना किया. बारीक तरीके से उन्होंने कपड़ों की इकाइयों की जानकारी ली. मुख्यमंत्री एक-एक स्टॉल पर जाकर सभी चीजों से अवगत हुए. साथ ही इस प्रकार के प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए मुख्य सचिव दीपक कुमार को इसको बढ़ावा देने का आदेश दिया.

चनपटिया में रेडिमेड कपड़ों की इकाइयों का मुआयना बाद सीएम नीतीश ने कहा कि सरकार की प्रयास है कि मजबूरी में रोजगार के लिए किसी को बिहार से बाहर नहीं जाना पड़े. लोगों को यहीं पर रोजगार मिल सके. चनपटिया जैसे रोजगार छोटे-छोटे पैमाने पर शुरू होने से युवाओं को रोजगार मिलेगा. साथ ही इनको बाजार भी उपलब्ध हो पाएगा. इनके उत्पादित सामानों को बाहर के बाजारों में भेजने के उपाए सरकार की ओर की जाएगी.



चनपटिया के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार वाल्मिकीनगर पहुंचे. वहां पर उन्होंने मदनपुर-वाल्मिकीनगर सड़क का निरीक्षण किया. सड़क निर्माण में देरी पर उन्होंने अधिकारियों की क्लास लगा दी. उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों से कहा कि जल्द इस रास्ते के विवाद को सुलझाएं. रास्ता का विवाद खत्म होना चाहिए. वाल्मिकीनगर में इको टूरिज्म की असीम संभावनाएं है. लेकिन रास्ता नहीं होने के कारण यहां पर लोगों को आने जाने में काफी दिक्कत होती है.

सीएम नीतीश ने यह भी कहा कि बिहार समेत पूरे के देश युवा यहां आएंगे तो उन्हें प्रकृति को बड़े ही नजदीक से समझने का अवसर प्रदान होगा. उन्हें प्रकृति के प्रति जागरूकता पैदा होगी. इसके लिए आने जाने के लिए रास्ता जरूरी है. सड़क का जायजा लेते हुए सीएम नीतीश ने वन विभाग के गतिरोध पर नाराजगी प्रकट करते हुए जल्द क्लीयरेंस देने की बात कहीं.

बता दें कि पूर्व में जब सीएम नीतीश वाल्मीकिनगर के एक दिवसीय दौरे पर आए थे तो उनकी वापसी सड़क मार्ग से हुई थी. तब रामपुर से मदनपुर के बीच सड़क पूरी तरह से टूटी हुई है. संबंधित विभाग के अधिकारियों से पूछताछ के दौरान जानकारी मिली थी कि वन विभाग के द्वारा इस सड़क मार्ग के निर्माण पर रोक लगाई गई है. उसके बाद एक टीम को भेज सड़क की वास्तविक जानकारी मांगी थी.

टीम की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद उन्होंने सड़क की मरम्मत का आदेश दिया था. जब संबंधित विभाग के द्वारा उसे बनाने के लिए निविदा निकाला गया और उसके निर्माण कार्य में तेजी आई तो वन विभाग के द्वारा यह कहकर रोक लगा दिया गई कि पुराने नक्शे के अनुसार निर्माण कार्य नहीं हो रहा है.