सवाल पूछने पर जेडीयू का यह सांसद थप्पड़ मारता है! कटिहार के इस पीड़ित युवक ने रो-रोकर सुनायी पीड़ा

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क :सिस्टम में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर यह सांसद थप्पड़ मारता है. इस सांसद को यह कतई मंजूर नहीं कि कोई व्यक्ति समाज में व्याप्त बुराईयों को उसके सामने उजागर करने का काम करे. सांसद महोदय को अगर आप भी सार्वजनिक जगहों पर शिकायत करेंगे तो शायद आपका भी हश्र वीआईपी के मीडिया प्रभारी मोनू निषाद की तरह ना हो जाए.

दरअसल यह पूरा मामला कटिहार से जुड़ा हुआ है. वीआईपी के मीडिया प्रभारी मोनू निषाद ने जब जेडीयू सांसद दुलालचंद गोस्वामी से जिले के सरकारी अस्पताल में भ्रष्टाचार की बात की तो सांसद महोदय काफी गुस्से में हो गए. उन्होंने सभी के सामने मोनू निषाद को एक नहीं बल्कि तीन, चार थप्पड़ जड़ दिया. जब मोनू निषाद ने पूछा कि आखिर मेरा कसूर क्या है, तो दुलालचंद गोस्वामी ने कहा कि भ्रष्टाचार की बातें तुमने सार्वजनिक क्यों कहीं .



सांसद के थप्पड़ से जितनी चोट वीआईपी के मीडिया प्रभारी को नहीं लगी होगी जितनी चोटें सांसद की इस बात से लगा कि- सभी के सामने तुमने भ्रष्टाचार क्यों उजागर किया. खुद मोनू निषाद ने मीडिया से कहा कि उऩ्होंने अपनी पत्नी को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया. जहां पर प्रसव कराने के लिए 5 हजार रूपये की मांग की गयी. जब मैंने देने से इनकार किया तो स्टाफ ने दूसरे अस्पताल जाने की नसीहत दे डाली.

दर्द से कराहती पत्नी को देखकर मोनू ने किसी तरह 2 हजार अस्पताल के स्टाफ को दिया, तब जाकर उसका प्रसव कराया गया. इसी बात को मोनू ने एक कार्यक्रम के दौरान सांसद दुलालचंद गोस्वामी के सामने रखा तो उन्हें नागवार गुजरा और धड़ से थप्पड़ जड़ दिया. दोबारा वीआईपी के मीडिया प्रभारी ने सवाल करना चाहा तो फिर से थप्पड़ जड़ दिया.

अब सवाल उठता है कि क्या इस सांसद महोदय के सामने भ्रष्टाचार की शिकायत ना की जाए. अगर की जाएगी तो ये उसका जवाब इसी तरीके से देंगे. सांसद के इस करतूत से तो यहीं  कयास लगाया जा सकता है कि कहीं ऐसे भ्रष्टाचार के पीछे इनका ही हाथ तो नहीं!. अगर इसके पीछे सांसद महोदय का हाथ है तो बड़ा ही दुर्भाग्यपूर्ण है, और अगर हाथ नहीं भी है तो उनका थप्पड़ वाला जवाब को कहीं से भी उचित नहीं ठहराया जा सकता है.