लालू के करीबी रहे इस नेता ने आरजेडी की खोल दी पोल, एक से बढ़कर एक किया खुलासा

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : आरजेडी का मतलब रूपया जनता दल है. यहां राजा,भगवान वास करते हैं. जो गरीब गुरबा की नहीं सुनते बल्कि धनवानों की सुनते हैं. यहां धन पशु का बोलबाला है, जनप्रतिनिधि रहमों पर जीते हैं. तेजस्वी भगवान की तरह विधायकों से ट्रिट करते हैं. उनसे मिलने के लिए महीनों लाइन में लगा रहना पड़ता है.

यह सब कहना है हर्षवर्धन सिंह का, जो हाल ही में आरजेडी छोड़ जेडीयू में आए हैं. लाइव सिटीज से बातचीत के दौरान उन्होंने लालू एंड पार्टी पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि लालू के समय वाली आरजेडी आज नहीं है. गरीबों का नाम लेकर अब यहां सिर्फ राजनीति होती है. गरीबों की कोई नहीं सुनता है.



हर्षवर्धन ने यहां तक कहा कि जेल में जाने के बाद आरजेडी एक परिवार की पार्टी बनकर रह गयी. परिवार के सभी सदस्यों की हिस्सेदारी फिक्स है. राबड़ी देवी, तेजप्रताप, तेजस्वी और मीस भारती के बीच पार्टी को बांट दिया गया है. ये लोग सीट देने के एवज में मोटी रकम वसूल करते हैं. जमीनी नेताओं की हकमारी की जाती है.

उन्होंने खुद का उदाहरण देते हुए बताया कि वो पार्टी के राष्ट्रीय कमेटी में थे. वो लालू जी काफी करीबी थे. लेकिन इन्हें भी तेजस्वी से मिलने के लिए विनती करनी पड़ती थी. महीनों लग जाते थे तेजस्वी तक अपनी बात पहुंचाने में. अगर बात पहुंच भी जाती तो उसको अनसूना कर दिया जाता था. हालांकि हर्षवर्धन ने लालू यादव और उस समय की आरजेडी की सराहना की.

तेजस्वी द्वारा ए टू जेड की पार्टी कहे जाने पर पलटवार करते हुए हर्षवर्धन ने कहा कि ए टू जेड की पार्टी तो जेडीयू है. जहां पर सभी जाति, धर्म के लोगों को वाजिब हक देने का काम किया गया है. जबकि आरजेडी में जाति समीकरण के नाम पर ढिंढोरा पीटने वाले लोग के कारनामे किसी से छिपी नहीं है.मोटी रकम वसूलकर ए टू जेड की पार्टी होने का दावा किया जा रहा है.