इस बार यहां से चुनाव लड़ना चाहते हैं तेजप्रताप, इशारों ही इशारों में दे दिए संकेत

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : बिहार के राजनीतिक गलियारे में इन दिनों राजद के विधायक व पूर्व स्वास्थ्य​ मंत्री तेजप्रताप यादव छाए हुए हैं. तेजप्रताप जो भी करते हैं वो सुर्खियां बन जाता है.पहले ससुर चंद्रिका यादव पर हमला, फिर वृंदावन में खरीदारी, उसके बाद यूपी में पूर्व सीएम अखिलेश यादव के संग पार्क में शेर के साथ तस्वीर ने खूब सुर्खियां बटोरने का काम किया.

अब चुनाव सीट को लेकर राजनीतिक गलियारे में चर्चा है कि तेजप्रताप अपने विधानसभा क्षेत्र महुआ से चुनाव लड़ना नहीं चाहते हैं. उनके समस्तीपुर जिले के हसनपुर से चुनाव लड़ने के संकेत मिल रहे हैं. बताया जाता है कि बिहार की बदली हुई राजनीतिक परिस्थित में वे महुआ को सेफ नहीं मान रहे हैं. हसनपुर में तेज की टीम भी लगी हुई है.



पिछले दिनों जदयू में शामिल होते वक्त चंद्रिका ने राय ने तंज भी कसा था कि दोनों भाई तेज और तेजस्वी सेफ सीट की जुगाड़ में हैं. जब उनसे पत्रकारों ने पूछा कि क्या ऐश्वर्या के चुनाव लड़ेंगी तो उन्होंने इसका जवाब तो नहीं दिया लेकिन यह कहकर कटाक्ष जरूर किया कि दोनों भाई किसी सेफ सीट की तलाश में हैं.

तेजस्वी और तेजप्रताप के सीट को लेकर राजनीतिक गलियारे में कई तरह की बातें तैर रही है. लेकिन सही क्या है इसका खुलास तो समय आने पर ही होगा. अभी तो आरजेडी आर फैक्टर के चक्रव्यूह में फंसा हुआ है. रामा सिंह, रघुवंश प्रसाद सिंह के बीच जारी सियासी जंग को कैसै निपटाया जाए इसकी कोशिशें की जा रही है.

रघुवंश प्रसाद सिंह उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा वापस लेने को तैयार नहीं है. उधर रामा सिंह इन यह दिया कि उनका आरजेडी में आना सुनिश्चित है. रही सही कसर तेजप्रताप ने पूरा कर दिया. तेजप्रताप ने रघुवंश प्रसाद को पानी का लोटा करार देते हुए कहा कि समुद्र में से एक लोट पानी अगर निकल जाए तो समुद्र को कोई असर नहीं पड़ता है.

हालांकि 24 घंटे के अंदर ही तेजप्रताप के सुर बद गए. उन्होंने रघुवंश प्रसाद सिंह को चाचा करार देते हुए कहा कि चाचा अभी बीमार है. आरजेडी से उनका नाता पुराना है. हमसब एक परिवार की तरह हैं जिसके बीच किसी प्रकार को कोई मतभेद नहीं है.