पटना के कंकड़बाग में रेमडेसिविर दवा के साथ पकड़े गए तीन दलाल, 1.20 लाख में कर रहे थे डील, ईओयू की टीम ने की कार्रवाई

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: कोरोना काल में सरकार के लाख कोशिशों के बावजूद भी ऑक्सीजन और जीवन रक्षक दवाओं की कालाबाजारी रूकने का नाम नहीं ले रहा है. एक तरफ बिहार में कोरोना महामारी कहर बरपा रहा है. दूसरी और इसके इलाज में जुटे अस्पताल मरीजों से मनमाने रकम वसूल कर रहे हैं. खासकर इसके इलाज में उपयोग की जा रही दवा रेमडेसिविर की कालाबाजारी बड़े पैमाने पर की जा रही है.

इसी कड़ी में ईओयू की ओर से कड़ा कदम उठाया गया है. पटना के कंकड़बाग़ थाना क्षेत्र में छापेमारी कर तीन फाइल रेमेडिसिवर और ऑक्सीजन बरामद हुआ है. छापेमारी दल के लोगों की माने तो इन दवाओं की एक लाख में डील हो रही थी. तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. ईओयू के अधिकारियों की माने तो प्रेस की आड़ में सारा खेल खेला जा रहा था. एक एमआर भी इस खेल में शामिल है. आर्थिक अपराध इकाई के डीएसपी भास्कर ने बताया कि कंकड़बाग में डील हो रहा था तभी गुप्त सूचना के आधार पर कारवाई कर तीनों को रंगे हाथ पकड़ लिया गया.  

बता दें कि सरकार ऐसे लोगों पर पैनी निगाह बनाए हुए हैं. फिर भी ये लोग अपने नापाक मंसूबे को अंजाम देने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं. ऐसा ही एक एक मामला मुजफ्फरपुर के निजी अस्पताल से भी समाने आया. अस्पताल की कारगुजारी पता चलने के बाद सीएस ने एफआईआर दर्ज करने का आदेश दे दिया है. जिले के अहियापुर थाना क्षेत्र में चल रहे निजी अस्पताल मेडिका के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश कर दिया है.

पूरे मामले की जानकारी देते हुए सीएस डॉ. एस.के. चौधरी ने कहा कि हॉस्पिटल का पहले भी कंप्लेन मिल चुका है. कई बार पत्र एडीसी के नाम से सिर्फ मरीज का नाम आधार नंबर लिखकर भेज दिया है. जिस पर शक हुआ तो बात किए और अहियापुर थाना को एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने को लिखा गया है. साथ ही इसकी सूचना डीएम, एसएसपी को भी दी गई है.