पद्मश्री पुरस्कार के लिए बिहार से तीन नाम की अनुशंसा, शिक्षाविद सुदर्शन जी महाराज का नाम शामिल

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क :  पद्मश्री के लिए बिहार से तीन लोगों के नाम की अनुशंसा नीतीश सरकार ने की है. शिक्षा के क्षेत्र में पद्मश्री के लिए सुदर्शन जी महाराज के नाम की अनुशंसा की गयी है. वहीं चिकित्सा के क्षेत्र में डॉक्टर देवेन्द्र नाथ अकेला और डॉक्टर विनय कारक को पद्मश्री देने की अनुशंसा की गयी है. सरकार की ओर से ये तीन नाम सलेक्शन कमिटी को भेजी गयी है.

दरअसल पद्म पुरस्कार देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से एक है. इसमें पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री तीन कैटेगरी होती है. भारत में पद्म पुरस्कार की स्थापना 1954 में हुई थी. इसकी घोषणा हर साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है. पद्म पुरस्कार आपके काम में विशिष्टता की पहचान करने के लिए दी जाती है.



ये पुरस्कार कला, साहित्य, शिक्षा, खेल, चिकित्सा, सामाजिक कार्य, विज्ञान,इंजीनियरिंग, सार्वजनिक मामलों, सिविल सेवा, व्यापार और उद्योग आदि जेसे क्षेत्रों और विषयों में विशिष्ट और असाधारण उपलब्धियों या सेवाओं के लिए दिया जाता है. पद्म पुरस्कार कोई भी सरकारी कर्मचारी, सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारी, डॉक्टर और वैज्ञानिकों को नहीं दिए जाते हैं.

बता दें कि पद्म पुरस्कारों से सम्मानित करने के लिए पहले शख्सियतों का चयन किया जाता है. लोगों के नामों का चयन करने के लिए प्रधानमंत्री हर वर्ष एक समिति का गठन करतें हैं. इस समिति के पास पद्म पुरस्कारों से अलंकृत करने के लिए लोगों के नामों की सिफारिश आती है. यह सिफारिश राज्य सरकार/संघ राज्य प्रशासन, केन्द्रीय मंत्रालय के साथ-साथ उत्कृष्टता संस्थानों आदि से प्राप्त की जाती है.

एक तय समय के बाद समिति के पास उपलब्ध नामों पर विचार किया जाता है. इसके बाद पुरस्कार समिति लोगों की कार्यकुशलता को देखते हुए उनके नाम की सिफारिश करती हैं जिसपर प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और राष्ट्रपति इस पर अपना अनुमोदन देते हैं. फिर गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर इस सम्मान से सम्मानित शख्सियतों के नाम की घोषणा की जाती है.