किसानों के समर्थन में पटना में निकला ट्रैक्टर जुलूस, तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क :  दिल्ली में किसानों के ट्रैक्टर परेड के समर्थन में राजधानी पटना में ट्रैक्टर रैली निकाली गयी. पटना में निकाले गए रैली में भाकपा-माले और अखिल भारतीय किसान महासभा के आह्वान पर तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग की गई. इसमें बड़ी संख्या में जाप और राजद कार्यकर्ता भी शामिल हुए. पटना के फुलवारीशरीफ में पचास से अधिक ट्रैक्टर और सैंकड़ों बाइक का जत्था एम्स से निकलकर चितकोहरा गोलबंर तक मार्च किया. फिर चितकोहरा गोलबंर से वापस एम्स लौट गया.

उधर दिल्ली में किसानों का ट्रैक्टर परेड रूट बदलकर लाल किले मे दाखिल हो गया. लाल किले पर पहुंचकर आंदोलनकारियों ने सारी हदें पार कर दी. लाल किले की प्राचीर पर तिरंगा की जगह खालसा पंथ और किसान संगठन का झंड़ा फहरा दिया.



इस घटना के बाद दिल्ली की सुरक्षा को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर हाई लेवल मीटिंग हुई. गृह सचिव ने दिल्ली में संयुक्त किसान मोर्चा के ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसात्मक घटनाक्रम से अवगत कराया. इसके बाद दिल्ली से सटे इलाके सिंघु बॉर्डर, गाजीपुर बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर, मुकरबा चौक और नांगलोई में इंटरनेट सेवा को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है. आज रात 12 बजे तक बंद कर दिया गया है.

उधर संयुक्त किसान मोर्चा ने एक प्रेस स्टेटमेंट जारी कर किसान गणतंत्र दिवस परेड में किसानों के भाग लेने के लिए शुक्रिया अदा किया है. इसके अलावा किसान मोर्चा ने दिल्ली में हुई हिंसा की निंदा की. स्टेटमेंट में कहा गया है, “आज के किसान गणतंत्र दिवस परेड में अभूतपूर्व भागीदारी के लिए हम किसानों का शुक्रिया अदा करते हैं. हम उन अवांछनीय और अस्वीकार्य घटनाओं की निंदा करते हैं और खेद प्रकट करते हैं जो आज घटित हुई. इन घटनाओं में शामिल लोगों से हमारा कोई लेना देना नहीं.

बता दें कि करीब एक घंटे तक लाल किले पर ये उपद्रव चलता रहा. इसके बाद किसान नेताओं ने अपील की, सुरक्षा बलों ने बल प्रयोग किया और तब प्रदर्शनकारियों को प्राचीर से हटाया जा सका, लेकिन उन्हें लाल किले से हटाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. किसानों का जो रूट पुलिस ने तय किया था, उसमें लाल किला का रूट कहीं नहीं था.

सिंघु बॉर्डर से जो किसान दिल्ली में दाखिल हुए, वही रूट तोड़कर लाल किले की ओर बढ़ गए. संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर से उन्हें आउटर प्वाइंट की तरफ जाना था, लेकिन उधर ना जाकर वो लाल किले की तरफ मुड़ गए. मुबारका चौक पर कुछ किसानों को पुलिस ने रोका भी, लेकिन हाथापाई के बाद पुलिस हट गई और वहां हजारों किसान जमा हो गए. इसके बाद ये सभी लाल किले में दाखिल होकर उपद्रव मचाने लगे.