बिहार की सियासत में ‘ट्रंप’ की हुई इंट्री, 2020 की चुनावी जंग में इस नाम के बहाने जमकर हो रहे तीखे हमले

लाइव सिटीज, राजेश ठाकुर/पटना : बिहार की राजनीति में पाकिस्तान, जिन्ना, आतंकी, कश्मीर तो पहले से इंट्री मारता रहा है. लेकिन 2020 की चुनावी जंग में अब ट्रंप की भी जोरदार ढंग से इंट्री हो गई है. राजद से लेकर जदयू और लोजपा तक ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बहाने एक-दूसरे पर तीखा हमला किया है. वे ट्रंप की माला जप रहे हैं. इतना ही नहीं, ट्रंप के जरिए बिहार की सियासत तेज हो गई है. चाहे पीएम नरेंद्र मोदी की बात हो, चाहे बिहार के विशेष राज का दर्जा बनाने की बात हो अथवा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नालंदा से चुनाव लड़ने की चुनौती का मामला हो, ट्रंप बीच में आ जा रहे हैं.

सबसे पहले लोजपा ने छेड़ा ट्रंप राग



बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासत पहले से ही तेज है. इसे ट्रंप ने और तेज कर दिया है. सियासी बयानों को देखा जाए तो सबसे पहले लोजपा ने बिहार की सियासत में ट्रंप राग छेड़ा था. दरअसल, लोजपा बिहार में जदयू के खिलाफ चुनाव लड़ रही है. इससे बीजेपी उसे एनडीए से बाहर मानने लगी है. लेकिन राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने साफ कह दिया कि वे पीएम के कार्यों का इस्तेमाल करेंगे. तब बीजेपी के कद्दावर नेता व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने पीएम के फोटो को लेकर हमला किया था. कहा था कि एनडीए से बाहर को कोई भी दल पीएम के फोटो का इस्तेमाल नहीं कर सकता है. ऐसे में लोजपा की ओर से तंज कसा गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप भी अपने यहां चुनाव में पीएम नरेंद्र मोदी के नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं, उन पर भी रोक लगाएं.

जदयू ने भी तंज कसने में पीछे नहीं

बिहार में चुनाव प्रचार के दौरान राजद सुप्रीमो लालू यादप के छोटे पुत्र नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी. पिछले दिनों पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी यादव ने कहा कि नीतीश कुमार में हिम्मत है तो वे अपने गृह विधानसभा क्षेत्र नालंदा से चुनाव लड़ें. उन्होंने ये भी कहा कि मैं भी नालंदा से चुनाव लडूंगा और उन्हें हराकर भी दिखाउंगा. इस पर बयानबाजी तेज हो गई. वहीं, जदयू की ओर से कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष व मंत्री अशोक चौधरी ने कड़ा पलटवार किया. कहा कि तेजस्वी की चुनौती में दम नहीं है. वे चाहें तो ट्रंप को भी बिहार से चुनाव लड़ने की चुनौती दे सकते हैं. धीरे-धीरे मामला थमा. कुछ लोगों ने तो चुटकी लेते हुए कहा कि ट्रंप भी सोचता होगा कि हमें बिहार चुनाव में क्यों घसीटा जा रहा है. 

स्पेशल स्टेटस में भी आ गए अमेरिकी राष्ट्रपति

बिहार में विशेष राज्य का दर्जा को लेकर भी समय-समय पर सियासत गरम होते रहती है. खासकर चुनाव में तो यह जोर पकड़ लेता है. सच यह भी है कि बिहार को स्पेशल स्टेटस की मांग जदयू की ओर से नीतीश कुमार शुरू से करते आ रहे हैं. 2015 में महागठबंधन की सरकार के समय यह मांग कुछ ज्यादा ही तेज हो गई थी. लेकिन नीतीश कुमार के एनडीए में जाने के बाद मांग शिथिल पड़ गई. वहीं यह विपक्ष का हथियार बन गया है. इसी मांग को लेकर राजद समेत कांग्रेस ने भी कई बार बिहार की एनडीए सरकार पर तंज कसा है. एक बार फिर तेजस्वी ने तंज कसा. कहा कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा अभी तक नहीं मिला है. इसके लिए संघर्ष करेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि डोनाल्ड ट्रंप तो अमेरिका से आकर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दे देंगे.