दो फ्रॉड महिला की करतूत, 16 करोड़ में बेच डाला आरा का चर्च मैदान

लाइव सिटीज डेस्क : आरा में कानून का मजाक बनाते हुए दो महिला ने 3 महीने के भीतर विवादित सरकारी जमीन के 16 प्लाट को बेच डाला. लेकिन संबंधित अधिकारी व रजिस्ट्रार ने इतनी बड़ी डील के संदर्भ ने न कोई क्रॉस चेक करना मुनासिब समझा और न ही 16.37 करोड़ रुपये की इस बड़ी डील पर इनकम टैक्स विभाग को अलर्ट करना उचित समझा. 

इस तथ्य के बावजूद, आरा की इस जमीन की ओनरशिप को लेकर विवाद चल रहा है. इस समय इस जमीन पर 1919 से ही सरकार की माउंटेड मिलिट्री फ़ोर्स का मुख्यालय है. इसके अलावा इस जमीन पर एक चर्च है. इस वजह से इसे चर्च मैदान भी कहा जाता है.

निश्चय यात्रा के दौरान सीएम नीतीश कुमार जब आरा पहुंचे तो उन्हें इस मामले की जानकारी मिली. उन्होंने इस जमीन की डील की जांच का आदेश पटना परिक्षेत्र के कमिशनर आनंद किशोर और पटना जोन आईजी नैय्यर हसनेन खान को दिया.  प्रमंडलीय कमिश्नर व जोनल आईजी की जांच रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर की कार्रवाई की गयी.

बता दें कि बेची गयी जमीन की सरकारी कीमत 13 करोड़ 66 लाख 99 हजार रुपये है, जबकि बाजार मूल्य इससे कई गुना अधिक है. इस मामले में रविवार को आरा के नवादा थाने में 22 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करायी गयी . नवादा थानाध्यक्ष नेयाज अहमद के बयान पर दर्ज एफआईआर में यूपी के हाथरस के इंडिया चर्च ट्रस्टीज के चेयरमैन मिस्टर रेव जोनसर टी. जॉन सहित अन्य लोग शामिल हैं.

तत्कालीन रजिस्ट्रार, शहर के होटल व्यवसायी दंपती व ठेकेदारों को भी आरोपित किया गया है. जमीन बेचने व खरीदने वालों के अलावा तीन गवाह भी आरोपितों में शामिल हैं. बेची गयी जमीन केसरे हिन्द के नाम से दर्ज है और फिलहाल इस जमीन पर एमएमपी का ऑफिस है. जानकारी के अनुसार इंडिया चर्च ट्रस्टीज के चेयरमैन मिस्टर रेव जोनसर टी. जॉन द्वारा शहर की नम्रता सिंह  व मंजू सिंह को चर्च की जमीन बेचने का पावर दिया गया था.

आईजी टरिपोर्ट के अनुसार (थाना नंबर 237, खाता नंबर 1766, 2600, 2611, 2677, 2680, 2681, 2682) 158.58 डिसमिल जमीन फर्जी तरीके से डीड पर दिखाया. जिसका ओनरशिप बाबू बाजार की रहने वाली नम्रता सिंह और हरदिया की मंजू सिंह के नाम दिखाया गया है.

in दोनों महिला ने 16 अलग-अलग डीड लल्लू सिंह, अंकु सिंह, अंशु सिंह, जनार्दन सिंह, मीना सिंह, आदर्श, अजय कुमार, वीरेन्द्र प्रसाद सिंह, अमरनाथ सिंह, भावना सिंह, भुगेन्द्र सिंह, अशोक सिंह, पूनम देवी, राजू कुमार, मनीष कुमार को बेच दिया. इसमें 13 प्लाट 7 अक्टूबर को पिछले साल बेच दिए गए. 2 प्लाट 15 नवम्बर को और एक इस साल 18 जनवरी को बेचे गए. सबसे बड़ी बात कि बेचने वाला और खरीदने वाला दोनों फैमिली मेंबर्स हैं.

मामला प्रकाश में आने के बाद पूरे शहर में सनसनी मच गयी थी मामला सीएम तक पहुंचा, तो पूरे मामले की जांच का आदेश जारी कर दिया गया. एसपी क्षत्रनील सिंह ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर ली गयी है. आरोपितों की गिरफ्तारी की जायेगी. इस मामले में सघन जांच के दौरान अभी कुछ और तथ्य सामने आने की संभावना है. कुछ अफसरों व भू माफियाओं के गठजोड़ का खुलासा भी संभव है.

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