लाइव सिटीज डेस्क : बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष और जदयू नेता उदय नारायण चौधरी ने अपने तेवर और भी कड़े कर लिए हैं. जदयू के अंदर चल रहे कलह को वे खुल कर सामने रखने लगे हैं. उन्होंने जदयू के बिहार प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह पर पलटवार किया है. उदय नारायण चौधरी ने वशिष्ठ नारायण सिंह द्वारा दिए गए बयान पर  कहा कि वे प्रदेश अध्यक्ष हैं. उनके पास पॉवर है. उन्हें फैसले लेने से किसने रोका है. जो करना है वे कर सकते हैं.  उन्होंने कहा कि वशिष्ठ बाबू पुराने राजनीतिज्ञ हैं.

उदय नारायण चौधरी ने आगे कहा कि पार्टी को जो कार्रवाई करना है वो कर सकती है. लेकिन देश हित में , समाज हित में दलितों के हित में मैं बोलता रहूँगा. उन्होंने इशारों- इशारों में जदयू के बागी नेता शरद यादव की भी तारीफ की. उन्होंने कहा 20 सालों तक शरद यादव के साथ हमने काम किया है. वे राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे हैं. जब उनसे पूछा गया कि क्या वह भी शरद गुट में शामिल हो सकते हैं तो वे इस बात का जवाब टाल गए. लेकिन उनके इशारे में एक और नया समीकरण बनने के आसार साफ दिख रहे हैं.

बता दें कि इस मामले में प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा था कि इन दोनों नेताओं को पद की लालसा थी. इच्छा पूरी नहीं होती है तो वह किसी दूसरे रूप में बाहर आ ही जाती है. जदयू इस मामले को गंभीरता से देख रहा है. अगर मामला पार्टी के खिलाफ जाएगा तो इन दोनों पर कार्रवाई होगी. जदयू अध्यक्ष ने कहा था कि श्याम और चौधरी को पार्टी फोरम पर बात रखनी चाहिए थी.

मालूम हो कि उदय नारायण चौधरी और श्याम रजक ने एनडीए पर आरोप लगाते हुए कहा था कि दलितों और वंचितों के लिए सरकार कोई काम नहीं कर रही है. आज भी वे कूड़े के ढेर पर ही पड़े हैं. जदयू नेता ने कहा कि वे नीतीश कुमार सरकार की मंशा पर टिप्पणी नहीं कर रहे हैं, लेकिन यह सच है कि वंचितों की भलाई के लिए जिनको पालिसी को लागू करना था, उनकी नीयत में खोट है. सत्ता में जो लोग हैं, उनकी जिम्मेदारी थी, हमारे समाज को मुख्यधारा में लाने की. पर कुछ लोग हमारे अधिकार को ही छीनना चाहते हैं और आरक्षण ख़त्म करने की बात कह रहे हैं. इसलिए हम लड़ेंगे और जिला से ब्लॉक स्तर तक जाकर इस बारे में लोगों को बताने का काम करेंगे.