सुपौल के निर्मली में बोले उपेन्द्र कुशवाहा, सरकार बनी तो सभी विभागों में रिक्तियां भरी जाएगी

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : सुपौल के निर्मली में रालोसपा अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा ने चुनावी सभा की. इस मौके पर उन्होंने जीडीएसएफ समर्थित प्रत्याशियों को जिताने की लोगों से अपील की. सभा को संबोधित करते हुए कुशवाहा ने लालू-राबड़ी और नीतीश कुमार के शासनकाल पर निशाना साधा.

उन्होनें तेजस्वी के 10 लाख नौकरी पर निशाना साधते हुए कहा कि सिर्फ सरकारी विभाग में 10 लाख नौकरी देने से बिहार की बेरोजगारी दूर नहीं होगी. बिहार की बेरोजगारी दूर होगी यहीं पर रोजगार का अवसर उत्पन्न करने से. अगर बिहार में रोजगार का अवसर उत्पन्न कर दिया जाए तो यहां के नौजवानों को बाहर के  प्रदेशों में नहीं जाना पड़ेगा.



महाराष्ट्र का नौजवान बिहार में नहीं आता रोजगार करने के लिए, इन बेइमानों ने बिहार में रोजगार उत्पन्न नहीं किया. हरियाणा, महाराष्ट्रा, पंजाब के युवाओं को वहीं पर रोजगार मिल सकता है, तो बिहार के नौजवानों को यहीं पर रोजगार क्यों नहीं मिल सकता है.

इन लोगों ने किसानों की समस्या को दूर नहीं किया. किसान आज भी बदहाल है. अगर हमारी सरकार बनी तो किसानों की स्थिति में सुधार किया जाएगा. किसान की ज्यादा पैसा मजदूरी देने में चली जाती है. ऐसे में जीडीएसएफ की सरकार मजदूरों का पैसा वहन करेगी.  

अगर मेरी सरकार बनती है तो शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की व्यवस्था की जाएगी. प्रदेश के लोगों को रोजगार के लिए बिहार से बाहर नहीं जाना पड़ेगा. गरीब के बच्चों के पढ़ने के लिए सरकारी स्कूल की शिक्षा व्यवस्था में सुधार किया जाएगा. अस्पतालों की व्यवस्था में सुधार किया जाएगा.

कुशवाह ने बड़े और मंझले भाई पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों ने जिनका वोट लिया उसका भी  भला नहीं किया. 15-15 साल दोनों भाईयों को आप लोगों ने दिया, अब इस छोटे भाई उपेन्द्र कुशवाहा की बारी है. मैं आपसे वादा करता हूं कि 15-15 साल में जो काम दोनों भाईयों ने नहीं किया मैं 15 महीने में करके दिखाऊंगा.

हम समाज के हर वर्ग के लोगों को राजनीति में हिस्सेदारी दी जाएगी. एक अणे मार्ग में अकेले उपेन्द्र कुशवाहा ने रहेगा बल्कि उसमें चार-चार उपमुख्यमंत्री भी रहेंगे. एक दलित से, एक अल्पसंख्यक से, एक अतिपिछड़ा से और एक उपमुख्यमंत्री अगड़ी जाति से होगा. इन चार उपमुख्यमंत्री में से एक महिला होगी. समाज के हर वर्ग के लोगों को उनकी हिस्सेदारी दी जाएगी. दवाई, कमाई और पढ़ाई की व्यवस्था बिहार में की जाएगी. यहां के लोगों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा.