विकास वैभव सबसे पॉपुलर IPS अधिकारी बने बिहार में

पटना : वो कहते हैं न, काम बोलता है . साथ में, ईमानदार प्रयास पॉजिटिव नतीजे देते हैं . 2003 बैच के बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी विकास वैभव को आप सभी जानते ही हैं . अभी भागलपुर में डीआईजी है . पहले पटना में एसएसपी रहे . NIA में रह चुके हैं . बोधगया और पटना के गांधी मैदान के सीरियल बम ब्लास्ट के पीछे की हर साजिश को बेपर्द विकास वैभव ने ही किया था . इंडियन मुजाहिद्दीन के स्लीपर सेल को भी तहस-नहस किया . नेपाल तक ऑपेरशन को अंजाम दिया . 

कानून को लागू कराने में विकास वैभव जितने सख्त हैं, उतने ही पब्लिक फ्रेंडली भी हैं . अभी भागलपुर के लोग पुलिस सिस्टम में लगी पुरानी जंग को रोज छुड़ाते विकास वैभव को देखते हैं . आम जनता की सुनवाई को खुला दरबार है . लोगों की संख्या रोज बढ़ती जा रही है . पुलिस सिस्टम के बिचौलियों के लिए कहर भी बने हुए हैं . थानों की अब भागलपुर में ये हिम्मत नहीं रही कि वह FIR दर्ज कराने आये परेशान व्यक्ति को दौड़ा-दौड़ा कर परेशान करे .

विकास वैभव के पब्लिक फ्रेंडली होने का इम्पैक्ट यह है कि वे फेसबुक पर बिहार के सबसे पॉपुलर पुलिस ऑफिसर बन चुके हैं . उनके फ़ेसबुक पेज ने 1 लाख से अधिक लाइक्स प्राप्त किया है और यह लगातार बढ़ता ही जा रहा है . यह पेज कुछ महीने पहले ही बना था . आप उनके पेज को देखें,फ़ेसबुक बहुत कुछ बताएगा . औरों की तरह ऐसा नहीं है कि वह सिर्फ अपना स्टेटस ही पोस्ट करते हैं . फेसबुक बता रहा है कि विकास वैभव का पेज बहुत ही रेस्पॉन्सिव है . प्रतिशत में बात करें तो यह 95 फीसदी है . औसतन 22 मिनट में वह जरुरी बातों को रिस्पांस देते हैं .

क्राइम डिटेक्शन में भी विकास वैभव को सोशल मीडिया के टूल का बेहतर प्रयोग करने वाला ऑफिसर माना जाता है . पटना के लोगों को याद है . बाकरगंज में सुबह-सुबह एक हत्या हुई,जिसके कारण बड़ा कोहराम मचा . सीसीटीवी से कातिलों के बारे में लीड्स जरुर मिला,पर आगे कई दिनों तक और कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था . तब बतौर एसएसपी विकास वैभव ने कातिलों को तलाशने का महाअभियान फेसबुक पर चलाया . परिणाम,सबों की पहचान पुख्ता हुई और मोबाइल फेंक स्वयं को सेफ मान चुके कातिल विकास वैभव की टीमों के हत्थे कई दूर प्रदेशों में चढ़े .

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