अररिया वायरल वीडियो पर उठ रहे सवाल, जांच में मिला है बड़ा झोल

लाइव सिटीज डेस्क : बिहार में उपचुनाव के नतीजे के बाद अब सियासत अलग ही रुख ले रहा है. अररिया से राजद नेता सरफराज आलम की जीत के बाद एक वीडियो वायरल हुआ. जिसमें पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगते दिखे. जिसके बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई. भाजपा संसद और केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, भाजपा से राज्यसभा सांसद गोपाल नारायण सिंह समेत कई नेताओं ने लगातार हमला बोलना शुरू कर दिया. हालांकि इस वीडियो के फर्जी होने का दावा भी किया गया है. साथ ही इस वीडियो में दिख रहे शख्श को भी गिरफ्तार कर लिया गया है. अब इसकी सच्चाई सामने आ रही है.

एक अंग्रेजी खबरिया वेबसाइट ALT NEWS की रिसर्च को मानें तो यह वीडियो पूरी तरह से फर्जी है. इसमें छेड़छाड़ की गई है. इस न्यूज़ वेबसाइट ने टेक्निकली इस वीडियो की जांच की है. उनका कहना है कि इस वीडियो को 3 अलग अलग सोर्सेज से लेकर इसकी जांच की गई है. इसके ऑडियो फ्रेम्स को जांचा गया है. ऑडेसिटी सॉफ्टवेयरमें जब इन सभी वीडियो के फ्रेम को बारीकी से देखा गया तो पता चला कि वीडियो में दो जगह ऑडियो का कीफ्रेम जीरो है.

कुछ अन्य सॉफ्टवेयर के जरिये भी इस वेबसाइट ने वीडियो को परखा. जहां उन्हें दो जगह ऑडियो लेवल जीरो मिला. ऑल्ट न्यूज़ का कहना है कि इस वीडियो को ध्यान से सुनने पर पता चलता है कि बैकग्राउंड में कोई ट्रक चल रहा है. जिससे टकटक की आवाज आ रही है. इसके अलावा भी इस वीडियो में कई जगह शोर-गुल की आवाज सुनाई देती है. पकड़े गए देश विरोधी नारे लगाने वाले, अररिया से 2 को पुलिस ने दबोचा 

लेकिन इन सब के बीच कुछ जगहों पर ऑडियो लेवल जीरो होने से इस वीडियो की प्रमाणिकता पर संदेह पैदा होता है. साथ ही इसके अलावा वीडियो फुटेज को भी बारीकी से परखा गया. जहां पर लिप सिंकिंग को लेकर बताया गया है. वीडियो को फ्रेम बाय फ्रेम जब जांचा गया तो सिर्फ एक लड़के का लिप्स सिंक हो रहा है बांकी के दो लड़के का मुंह बंद है. मतलब यह कि अगर ऑडियो-वीडियो सिंक हो रहा है तो उस पीरियड में ऑडियो लेवल बढ़ना चाहिए जो नहीं बढ़ा है. मतलब इससे यह साफ़ होता है कि वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है.

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