‘वाटर फॉर पीपल’ ने मनाया शौचालय दिवस, डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने किया शिरकत

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : 19 नवम्बर 2019 को लोहिया स्वच्छ अभियान बिहार और वाटर फॉर पीपल ने ‘विश्व शौचालय दिवस’ को स्वच्छता संकल्प दिवस के रूप में अधिवेशन भवन ओल्ड सचिवालय पटना में मनाया. कार्यक्रम में बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए.

वहीं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव अरविन्द कुमार चौधरी, जीविका के सीइओ डी. बालामुर्गन, और डेवलपमेंट पार्टनर की तरफ से अतिथि के रूप में ‘वाटर फॉर पीपल’ संस्था की कंट्री डायरेक्टर मीना नरूला और यूनिसेफ बिहार स्टेट हेड असदुर्ररहमान भी कार्यक्रम में शामिल हुए.

व्यवहार परिवर्तन संबंधित आईइसी सामग्री का विमोचन

इस अवसर पर सुशील मोदी ने वाटर फॉर पीपल द्वारा डिजाइन किए गए व्यवहार परिवर्तन संबंधित आईइसी सामग्री का विमोचन भी किया. आईइसी सामग्री पानी और स्वच्छता के विभिन्न व्यवहारों को ध्यान में रखकर बनाया गया है जिसके उपयोग से समुदाय के स्वच्छता संबंधित व्यवहार में परिवर्तन लाया जाएगा. ये सामग्रियां पोस्टर, बैनर, फ्लिप बुक, वाल पेंटिंग, एफ-चार्ट आदि हैं.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बिहार लगभग खुले में शौच मुक्त राज्य बन चुका है. जो इलाके बच गए हैं उन्हें भी हम सब मिलकर पूरा कर लेंगे. अब आगे हमें ठोस और तरल कचड़ा प्रबंधन के लिए युद्ध स्तर पर कार्य करना है.

वाटर फॉर पीपल 5 सालों से बिहार में कार्य कर रहा है

वाटर फॉर पीपल की कंट्री डायरेक्टर मीना नरूला ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि वाटर फॉर पीपल पिछले 5 सालों से बिहार में कार्य कर रहा है और शिवहर जिला को “एवरीवन फॉर एवर” मॉडल के रूप में विकसित कर रहा है. इसमें सरकार का हमेशा सहयोग रहा है और आगे भी हम सरकार के साथ कंधा से कंधा मिलाकर कार्य करेंगे और बिहार को स्वच्छता के सूचकांक में नम्बर-वन बनाने में सहयोग करेंगे.

कार्यक्रम में वाटर फॉर पीपल ने व्यवहार परिवर्तन के लिए बिहार में किए जा रहे गतिविधि “एम.डी.एस. यानि बहु आयामी कार्यकर्म का प्रदर्शन भी किया. इस कार्यक्रम के द्वारा बिहार के सुदूर गांवों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलायी जा रही है. ये कार्यक्रम मनोरंजन के कई आयामों को समाए हुए है और लोगों में व्यवहार परिवर्तन करने में मील का पत्थर साबित हो रहा है.

विभिन्न जिलों से आए हुए स्वच्छता पर कार्य कर रहे प्रशासनिक पदाधिकारियों ने इस कार्यक्रम का खूब आनंद लिया और जमकर तारीफें की. उन्होंने वाटर फॉर पीपल से अनुरोध किया कि ऐसे कार्यक्रम को उनके जिला में भी किया जाए ताकि स्वच्छता के लिए चलाई जा रही मुहीम को बल मिले.

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