महागठबंधन से आने वालों का एनडीए में स्वागत, उपेन्द्र कुशवाहा मामले में बोले मंत्री महेश्वर हजारी

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : महागठबंधन को किसी भी क्षण उपेन्द्र कुशवाहा बाय-बाय कह सकते हैं. इसको लेकर रालोसपा ने पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता से विचार विमर्श किया . जिसमें किसी प्रकार के निर्णय के लिए उपेन्द्र कुशवाहा को अधिकृत किया गया . उपेन्द्र कुशवाहा ने साफ कर दिया कि तेजस्वी के नेतृत्व में वो अब चुनाव नहीं लड़ेंगे. अगर आरजेडी किसी दूसरे चेहरे को आगे लाती है तो सभी घटक दलों को फिर से एकजुट किया जा सकता है.

इधर महागठबंधन से कुशवाहा ने मोह भंग की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए बिहार सरकार के मंत्री व जेडीयू नेता महेश्वर हजारी ने कहा कि महागठबंधन से जो भी आना चाहते है उनका स्वागत है. हमें किसी से कोई दिक्कत नहीं है. बता दें कि ये बाते समस्तीपुर में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे मंत्री महेश्वर हजारी ने कही.



बताया जा रहा है कि गठबंधन में उपेन्द्र कुशवाहा ने कई दफा अपनी बातों को रखा,लेकिन उनकी बातों को तरजीह नहीं दि गयी. इसके बाद रालोसपा के राष्ट्रीय महासचिव के कामरान को आरजेडी ने अपने साथ मिला लिया. आधी रात को के कामरान को आरजेडी में शामिल कराया गया. इस बात से भी उपेन्द्र कुशवाहा खासा नाखुश है.

रालोसपा के राष्ट्रीय महासचिव माधव आनंद ने महागठबंधन को आईसीयू में चले जाने की बात करते हुए कहा कि रालोसपा को कम आंकना किसी के लिए भारी पड़ेगा. रालोसपा आम लोगों की पार्टी है.

रालोसपा नेताओं के बयानों पर पलटवार करते हुए आरजेडी प्रवक्ता मृत्युजंय तिवारी ने कहा कि एनडीए से अलग होने के बाद कुशवाहा को महागठबंधन में काफी इज्जत मिला. लेकिन फिर से उनकी अंतरात्मा जग गयी है. ऐसे में वो निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र है.