‘चाहे जो मजबूरी हो हमारी मांगे पूरी हो’ जिद पर अड़े जूनियर डॉक्टर, अब कोर्ट जाएगी सरकार

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : बिहार में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल का आज 6ठा दिन है. हड़ताली डॉक्टर अपनी जिद पर अड़े हुए हैं. इधर सरकार ने भी नो वर्क नो पे के तौर पर स्टाइपेंड में कौटती करने, और हॉस्टल खाली करने का आदेश तक दे दिया है. इतने के बाद भी जूनियर डॉक्टर काम पर लौटने को तैयार नहीं हुए है.

जूनियर डॉक्टरों ने लाइव सिटीज को  बताया कि जबतक उनकी मांग पूरी नहीं होगी तबतक वो सभी काम पर नहीं लौटेंगे. उनका कहना है कि चाहे जो मजबूरी हो उनकी मांगें पूरी हो. प्रत्येक तीन साल पर स्टाइपेंड रिवीजन करने का सहमति बनी थी. लेकिन आजतक उसका रिवीजन नहीं किया गया. जब भी इस मुद्दे को लेकर सरकार से वार्ता करने की कोशिश की गयी तब-तब कुछ ना कुछ बहाने बनाकर मुद्दे को टाल दिया जाता है. हड़ताली डॉक्टरों ने बताया कि पिछले 6 दिनों से हमलोग अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. लेकिन अभीतक सरकार की ओर से किसी प्रकार की पहल नहीं की गयी.



इधर जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल को देखते हुए सरकार और कड़ा रूख अख्तियार करने का मन बना लिया है. स्वास्थ्य विभाग जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ कोर्ट जाने की तैयारी करने में जुट गया है. साथ ही सभी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के अधीक्षक और प्राचार्य को नए सिरे से हड़ताली डॉक्टरों को चिन्हित करते हुए उन्हें नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है.

बताया जा रहा है कि सरकार जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल को लेकर कोर्ट में अवमानना का मामला दायर कर सकती है. इसी वर्ष अगस्त में कोर्ट ने डॉक्टरों की प्रस्तावित हड़ताल पर यह कहते हुए रोक लगा दी थी कि राज्य कोरोना महामारी से जूझ रहा है, ऐसी स्थिति में डॉक्टरों की हड़ताल उचित नहीं है.