गया के बाराचट्टी विधानसभा क्षेत्र में जब समधन के लिए वोट मांगने पहुंचे मांझी, लोग करने लगे विरोध

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: गया में हम के मुखिया जीतनराम मांझी निकले प्रचार में तो सामने आ गए विरोधी और लगाने लगे नारे. कहा कि रोड नहीं तो वोट नहीं. किसी तरह मामला टला और आश्वसान देकर वे आगे बढ़े.

बताया जाता है कि मांझी की समधन ज्योति मांझी बाराचट्टी से उम्मीदवार हैं. वे एनडीए से चुनाव लड़ रही हैं. जानकारी के अनुसार, जब पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी सांरवा गांव पहुंचे तो उन्हें अजीब स्थिति का सामना करना पड़ा. मांझी के साथ विरोधी और आमलोग दोनों एक हो गए. साथ-साथ चलने लगे और नारा लगाने लगे कि रोड नहीं तो वोट नहीं. आधा किलोमीटर दूरी तक तक यह भीड़ उनके साथ चलती रही, फिर मांझी ही पिंड छुड़ाकर चुपके से निकल गए.



दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी बुधवार को गया के बाराचट्‌टी विधानसभा क्षेत्र के सांरवा गांव अपने समधन ज्योति मांझी के लिए वोट मांगने गए थे. इस दौरान लोग आक्रोशित होकर नारेबाजी करने लगे. इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री के चेहरे पर मायूसी साफ दिख रही थी. मामले को बढ़ता देख वो गाड़ी में बैठ निकल गए.

बता दें कि बाराचट्‌टी विधानसभा के सांरवा गांव में पिछले 15 साल से सड़क नहीं बनी है, जिसके कारण ग्रामीण प्रदर्शन करते आए हैं. डेढ़ साल पहले गांव वालों ने प्रदर्शन किया था, जिसमें 29 लोगों पर मुकदमा हुआ था. सांसद विजय मांझी ने आश्वासन दिया था कि सड़क बनवाएंगे लेकिन आज तक यहां सड़क नहीं बन पाई है. गांव की ये सड़क इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये तीन पंचायतों का संपर्क का मुख्य साधन है.