जिसको क,ख,ग का ज्ञान नहीं है, वो कहता है हम यह सब करेंगे, जहानाबाद में सीएम नीतीश ने विपक्ष पर ऐसे बोला हमला

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : जहानाबाद में सीएम नीतीश कुमार ने चुनावी सभा को संबोधित किया. इस मौके पर सीएम ने एनडीए प्रत्याशी व जेडीयू नेता कृष्णनंदन वर्मा को जीताने की लोगों से आग्रह किया. सभा को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने सरकार की उपलब्धियों को गिनाया, साथ ही विपक्ष पर निशाना साधा.

बिना नाम लिए सीएम नीतीश कुमार ने लालू-राबड़ी और तेजस्वी पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि जिसको क, ख, ग का ज्ञान नहीं है वो कहता है कि हम यह करेंगे वह करेंगे. अरे काम करने का कुछ अनुभव है. जब उनके माता-पिता को काम करने का मौका मिला तो कुछ भी नहीं किया. सिर्फ अपने परिवार का विकास किया. लेकिन अब कहते हैं कि यह करेंगे वह करेंगे.



पहले वाले लोगों ने सिर्फ वोट लिया. हम वोट के बारे में नहीं सोचते है. और लोगों  के लिए पति-पत्नी, बेटा, बेटी ही पूरा बिहार है. लेकिन मेरे लिए पूरा बिहार एक परिवार है. पति पत्नी के 15 साल के शासनकाल में अपराध, नरसंहार संप्रदायिक दंगा, अपहरण हर तरह से लोग परेशान थे.

2005 नवंबर महीने से हमलोगों को काम करने का मौका मिला. चुनाव के पहले न्याय यात्रा के दौरान हमने कहा था कि न्याय के साथ विकास करेंगे. नक्सल गतिविधि को घटाने के लिए हम लोगों ने सकारात्मक काम किया. 21 जनवरी 2006 में जहानाबाद से आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम की शुरूआत की गयी.

हर तबके के लिए काम किया गया. महिला, अल्पसंख्यक, दलित, महादलित समेत वंचित समाज के लिए काम किया गया. लड़कियों के लिए पोशाक और साइकिल योजना चलायी गयी. परिणाम अच्छा निकला. अब लड़का लड़की की संख्या मैट्रिक में बराबर हो गयी है.

प्राथमिक स्कूल से बाहर रहने वाले 12.5 प्रतिशत दलित के बच्चों के लिए टोल सेवक बहाल किया. सभी गांव को सड़क से जोड़ने का काम किया. 7 निश्चय के तहत हर जिला में इंजीनियर कॉलेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज, पारा मेडिकल संस्थान, महिला आईटीआई, एएनएम संस्थान खोला गया.

युवाओं के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना चलायी गयी. 2 साल तक काम की तलाश के लिए बाहर जा रहे लोगों को 1 हजार रूपया प्रतिमाह देने की योजना, कुशल योजना, व्यवहार कौशल, संवाद कौशल योजना चलायी गयी. महिलाओं को पंचायती और नगर निकाय में 50 फीसदी का आरक्षण दिया गया. सरकारी सेवाओं में महिलाओं को 35 प्रतिशत का आरक्षण दिया गया.

नई तकनीकी से चीजों की ट्रेनिंग करायी जाएगी. इससे बिहार में ही उत्पादन होगा. यहां का सामान ही बाहर जाएगा. रोजगार उत्पन्न होगा. कई गांव को जोड़ते हुए मुख्य सड़क तक पहुंचाया जाएगा. इंटर पास करने वाली लड़कियों को 25 हजार रूपया और ग्रेजुएट करने वाली लड़कियों को 50 हजार रूपया दिया जाएगा.