जहानाबाद में कौन होगा आबाद, तेजप्रताप के पैंतरे से टेंशन में आरजेडी

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : बिहार 2020 को लेकर जहानाबाद में एनडीए व महागठबंधन, दोनों खेमों में टिकट को लेकर होड़ मची है. 2015 में यहां से मुंद्रिका सिंह यादव राजद से जीते थे. उन्हें 76458 मत आये थे. रालोसपा के प्रवीण कुमार हर गए थे. उन्हें 46137 मत मिले थे. तब एनडीए में रालोसपा तो महागठबंधन में जदयू शामिल थे. कार्यकाल के बीच में ही विधायक मुंद्रिका सिंह यादव का निधन हो गया. उपचुनाव हुए, लेकिन उपचुनाव में स्थिति बदल गई थी. नीतीश एनडीए में आ गये थे. राजद विपक्ष में आ गया था. उपचुनाव में राजद-जदयू में टक्कर हुई. राजद ने मुंद्रिका सिंह यादव के बेटे सुदय यादव को उम्मीदवार बनाया. जदयू ने अभिराम शर्मा को टिकट दिया. राजद ने बाजी मार ली.

चंद्रप्रकाश की वजह से हार गए सुरेंद्र यादव



2020 में क्या होगा, बड़ा सवाल है. राजद से सुदय का टिकट तय था, लेकिन लालू के बड़े लाल तेजप्रताप यादव ने जिन पांच सीटों की मांग की है, उनमें जहानाबाद भी है. वे अपने मित्र चंद्रप्रकाश को टिकट देना चाह रहे हैं. चंद्रप्रकाश बागी होकर लोकसभा में जहानाबाद से चुनाव लड़े थे. चंद्रप्रकाश का ठीक-ठाक वोट आ गए थे. इससे राजद के सुरेंद्र प्रसाद हार गये. जदयू के चंद्रेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी जीत गये. ऐसे में तेजप्रताप की मांग से बहुत कुछ बदलता दिख रहा है. चंद्रप्रकाश को टिकट मिल गया तो सुदय का क्या होगा? तब सुदय को कुर्था से लड़ने को कहा जा सकता है. हालांकि दोनों ने जहानाबाद से ही ताल ठोक दिया है. मतलब सुदय व चंद्रप्रकाश में ठन गई है.

एनडीए में जदयू टिकट के प्रबल दावेदार

जहानाबाद में एमएलए का उपचुनाव एनडीए की ओर से जदयू ने लड़ा था. ऐसे में इस बाद भी जदयू ही टिकट के प्रबल दावेदार है. लेकिन इसी बीच एक नया सियायी घटनाक्रम सामने आया है. दरअसल, पालीगंज विधानसभा क्षेत्र से भाजपा लड़ती रही. वह भूमिहार जाति के उम्मीदवार को टिकट देती रही है. जदयू ने राजद के बच्चा यादव को पार्टी में शामिल कराया है. पालीगंज सीट जदयू के कोटे में चली गई है. बीजेपी ने कह भी दिया है कि पालीगंज के बदले हमेें जहानाबाद मिले. लेकिन जहानाबाद से कृष्णनंदन वर्मा लड़ना चाहते हैं. यदि बीजेपी के कोटे में जहानाबाद की सीट जाती है तो पूर्व विधान पार्षद राधामोहन शर्मा या फिर अनिल शर्मा की किस्मत चमक सकती है.