औरंगाबाद के ओबरा में कौन लड़ेगा चुनाव, कट सकता है मौजूदा विधायक का टिकट…

लाइव सिटीज,सेंट्रल डेस्क : औरंगाबाद के ओबरा विधानसभा में बदलाव हो सकता है. मौजूदा विधायक पर भी तलवार लटक रही है. 2015 में यहां से राजद के वीरेंद्र कुमार सिन्हा जीते, जो जाति से यादव है. उन्हें 56042 मत मिले थे. रालोसपा के चंद्रभूषण वर्मा 44,646 मत लाकर दूसरे स्थान पर रहे थे. सीपीआइएम के राजाराम सिंह तीसरे स्थान पर रहे. अब 2020 का सियासी समीकरण बदल गया है. रालोसपा महागठबंधन में आ गयाी है. इस नाते ओबरा से रालोसपा की दावेदारी बनती नहीं दिख रही है. राजद के यहां से चुनाव लड़ने की हंड्रेड परसेंट उम्मीद है, लेकिन सिटिंग एमएलए को टिकट मिलेगा, इस पर संशय है.

महागठबंधन के गणित में माले



चर्चा है कि महागठबंधन में माले आ गया तो वह दावेदारी पेश कर सकता है. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि सिटिंग एमएलए राजद के वीरेंद्र सिन्हा का टिकट कटेगा तो लड़ेगा कौन? यहां तीन दावेदारों की चर्चा आम है. प्रकाश चंद्रा के नाम की चर्चा जोरो पर है. पब्लिक ओपिनियन में राजद से अलग विचारधारा के लोगों का भी इनके प्रति झुकाव है. यहां की पॉलिटिक्स में पूर्व केंद्रीय मंत्री कांति सिंह के बेटे ऋषि यादव की भी इंट्री हो गयी है. हालांकि ऋषि मूल रूप से ओबरा के निवासी नहीं हैं. यह एक मुद्दा बन सकता है.

एनडीए में लोजपा सबसे आगे

एनडीए के उम्मीदवारों की रेस में कौन है? इस पर नजर डालेंगे तो आपको पता चलेगा कि लोजपा के खाते में यह सीट जा सकती है. लोजपा में रामविलास के करीबी उपेंद्र यादव का नाम सबसे आगे है. वह पार्टी के सभी तय मानक पूरा कर चुके हैं. यहां चिराग के करीबी हुलास पांडे का भी नाम है. ऐसे तो वह बक्सर के ब्रह्मपुर से लड़ना चाहते हैं. यदि भाजपा यह सीट नहीं छोड़ेगी तो वे ओबरा का रुख कर सकते हैं. यहां एक चौंकाने वाला नाम भी आ रहा है. पाटलिपुत्र के बीजेपी सांसद रामकृपाल यादव के पुत्र अभिमन्यु यादव का. अभिमन्यु ने कई महीनों से ओबरा में मेहनत कर रहे हैं. उनकी टीम भी लगी हुई है. इन्हीं तीनों में से