विधानसभा सत्र के अंतिम दिन सीएम नीतीश कुमार ने क्यों जोड़ लिए हाथ…

लाइव सिटीज,सेंट्रल डेस्क : 17वीं विधानसभा के पहले सत्र के अंतिम दिन हंगामेदार रहा. सदन के सदस्यों के आगे सीएम नीतीश ने हाथ जोड़ते हुए कहा कि कृपया मर्यादा का ख्याल रखा जाए. सिर्फ बोलने से और नारा लगाने से जनता की सेवा नहीं हो सकती है. सेवा हम लोग कर रहे हैं. समाज में हम लोगों ने प्रेम, भाईचारे के लिए काम किया.

बिहार में अपराध का ग्राफ बढ़ने के विपक्ष के आरोप का जवाब देते हुए सीएम नीतीश ने कहा कि जब तक हम हैं, सदन के माध्यम से पूरे बिहार को आश्वस्त करता हूं कि किसी के साथ अन्याय नहीं होने देंगे. अपराध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी. जिनको जो बोलने की इच्छा वो बोलते रहें.



वहीं नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी द्वारा चोर दरवाजे से सरकार बनाने के दावे पर पलटवार करते हुए सीएम नीतीश ने कहा कि बहुमत के बारे में क्या बोला जा सकता है. बहुमत एनडीए के पक्ष में है. यह सभी जानते हैं एनडीए के पास संख्या बल 125 का है. जिसके पास 122 विधायक होंगे उसकी सरकार बनेगी.

अगर जनता के द्वारा चुनी गयी सरकार पर जिसको विश्वास नहीं है, वो कोर्ट जाने के लिए स्वतंत्र है. हमलोगों के मन में सबके प्रति आदर का भाव है. सबके विकास के लिए हमलोगों ने काम किया है. और आगे भी करते रहेंगे.

वहीं नेता प्रतिपक्ष के द्वारा हत्या का आरोप लगाए जाने पर सीएम नीतीश ने कहा कि कोई भी किसी के ऊपर आरोप लगा सकता है. कार्रवाई तो होती है. मुझपर जो आरोप लगे थे उसमें हाईकोर्ट का फैसला आया, उसके खिलाफ लोग सुप्रीम कोर्ट तक गए. लेकिन मुझ पर आरोप साबित नहीं हुआ. क्या हम कर सकते हैं यह सब काम?.

वहीं विधानसभा अध्यक्ष से सीएम नीतीश ने अपील करते हुए कहा कि सदन नियमों से चलना चाहिए. सदन के संचालन के लिए नियम बनाए गए हैं. उसकी के अधीन काम होना चाहिए. हमलोग बहुत जल्द नयी कार्य योजना चालू करेंगे. हम बिहार को और आगे बढ़ाएंगे. केन्द्र सरकार का सहयोग बड़े पैमाने पर मिल रहा है.

उधर विपक्ष के हंगामे पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश ने कहा कि विपक्ष वालों को बोलने का अधिकार है. लेकिन ऐसी बातें नहीं बोलना चाहिए जो नियमों के विरूद्ध है. विपक्षी सदस्यों के बेल में आने पर उन्होंने कहा कि यह कोरोना के नियमों के खिलाफ है. ऐसे कैसे कोरोना को हराया जा सकता है.