बिहार में मासूम की मौत से मचा है कोहराम, तेजस्वी यादव कहां कर रहे हैं आराम !

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : बिहार के मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में AES से मरने वालों बच्चों की संख्या में लगातार इज़ाफा जारी है. मासूमों की मौत ने न सिर्फ बिहार बल्कि पूरे देश में कोहराम मचा दिया है. विपक्ष जमकर नीतीश कुमार और बिहार सरकार पर निशाना साध रहा है तो वहीं इतने बच्चों की मौत के बाद भी तेजस्वी यादव मीडिया की फ्रेम से बाहर चल रहे हैं. बता दें कि लोकसभा चुनाव 2019 में हार के बाद से ही तेजस्वी गायब हैं. यहां तक कि वो अपने पिता के जन्मदिन के मौके पर भी नहीं दिखाई दिए थे.

सीएम और डिप्टी सीएम ने लिया जायजा

बता दें कि AES से मरने वालों बच्चे की सबसे ज्यादा तादाद मुजफ्फरपुर में ही है. कई नेताओं और मंत्रियों ने भी मुजफ्फरपुर का दौरा भी किया लेकिन मरीज के परिजनों को सिवाए दिलासा के कुछ नहीं मिला. केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन ने 2014 में किए गए वादे को दोहराकर अपना काम पूरा कर लिया तो वहीं सीएम नीतीश को सैंकड़ों मौत और 17 दिन लगें मांओं की उजड़ती गोद की चीत्कार सुनने में. सीएम नीतीश कुमार के साथ मंगलवार की सुबह बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी भी मुजफ्फरपुर पहुंचे और हालात का जायजा लिया.

मासूमों की मौत पर क्यों मौन हैं तेजस्वी

इन सब के बीच बिहार की राजनीति सबसे अहम सवाल ये है कि सरकार पर हर छोटे-बड़े मसले को लेकर निशाना साधने वाले तेजस्वी इन दिनों कहां गायब हैं. क्या बच्चों की मौत पर उनकी संवेदना लोकसभा में हुई हार के सामने फीकी पड़ गई है. बता दें कि 17 दिनों से सूबे में मौत की महामारी जारी है लेकिन 2020 में खुद को सीएम प्रोजेक्ट करके राजनीति करने वाले राजद सुप्रीमो के बेटे तेजस्वी इन मौतों पर खामोश हैं. तेजस्वी सोशल मीडिया से भी दूर हैं. ट्विटर के माध्यम से हर दिन सीएम नीतीश और बिहार सरकार को आड़े हाथों लेने वाले तेजस्वी कहां हैं ये न तो पार्टी के नेताओं को पता है और न प्रवक्ताओं को. उन्होंने अंतिम ट्वीट अपने पिता के जन्मदिन को लेकर किया था.

तेजप्रताप और राबड़ी देवी ने खोला मोर्चा

वहीं तेजस्वी की ग़ैर मौजूदगी में उनके बड़े भाई और मां राबड़ी देवी ने मासूमों की मौत को लेकर मोर्चा खोल दिया है. तेजप्रताप यादव ने 16 जून को ट्वीट कर सीएम पर निशाना साधा. उन्होंने लिखा था कि ‘सुशासन बाबू माना कि ये मासूम किसी दल के वोटर नहीं हैं. लेकिन क्या इनकी जान आपके सुशासन की जिम्मेदारी नहीं है’. उन्होंने आगे लिखा था कि ‘नीतीश बाबू, हम राजनीति बाद में कर लेंगे लेकिन अभी कुछ कीजिए और इन बच्चों को बचा लीजिए.’

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दूसरी तरफ पूर्व सीएम राबड़ी देवी ने भी नीतीश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने मंगलवार को कई ट्वीट कर बिहार सरकार पर निशाना साधा. राबड़ी देवी ने कहा कि नीतीश सरकार इस मामले में मौन धारण की हुई है. राबड़ी देवी ने पांच लगातार ट्वीट करके बिहार और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. पूर्व सीएम ने कहा कि बिहार में NDA 14 साल से राज कर रही है. AES से हर साल हजारों बच्चे मरते हैं लेकिन बिहार सरकार के पास इसके रोकथाम के लिए कोई उपाय नहीं है. उन्होंने कहा कि बिहार का स्वास्थ्य विभाग खुद ICU में है.

 

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