सुशील मोदी फर्जी टॉपर देने वाले जवाहर सिंह को सम्मानित करेंगे क्या !

लाइव सिटीज डेस्क : फर्जी टॉपर गणेश को उम्र छुपाने की वजह गिरफ्तार किये जाने पर सुशील कुमार मोदी जहां उम्र को आधार मान कर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के बेटे तेज प्रताप व तेजस्वी यादव पर भी कार्रवाई किए जाने की मांग को ले लेकर सीएम नीतीश कुमार को घेर रहे हैं तो वहीं जेडीयू प्रवक्ता संजय सिंह ने इस मामले में भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी पर पलटवार किया है. 

संजय सिंह ने कहा कि सुशील मोदी कभी किसी सवाल का जबाब भी दे . बस एक तरफ़ा सवाल ही करते है.  



मोदी को बताना चाहिए आखिर जवाहर प्रसाद सिंह और उनमें क्या रिश्ता है ?

सुशील मोदी जवाहर प्रसाद सिंह को नही जानते है क्या?

बीजेपी नेता सुशील मोदी के इशारे पर टॉपर गणेश की ये साजिश नहीं रची गई है क्या?

क्या ये बीजेपी ने खेल नहीं किया है ?

इस पूरे मामले के सुशील मोदी संपादक है. संजय सिंह ने सुमो पर आरोप लगाते हुए कहा कि इन्ही के देख रेख में गणेश के टॉप होने की पूरी कहानी लिखी गई है . बीजेपी नेता जवाहर प्रसाद सिंह के साथ मिलकर सुशील मोदी ने ये स्क्रिप्ट लिखी है .ताकि बिहार बदनाम हो और बिहार की हर जगह जग हंसायी हो . लेकिन बिहार के कुशल प्रशासन ने इनके पोल को खोलकर रख दिया . सुशील मोदी जैसे सबसे सवाल पूछते चलते है तो सुशील मोदी को भी अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब  देना चाहिए . 

सुशील मोदी ने ही बीजेपी के नेता जवाहर प्रसाद सिंह जो रामनंदन सिंह जगदीश नारायण इंटर कॉलेज के सचिव है, उनके साथ मिलकर ये पूरा ड्रामा तैयार किया है . इस कॉलेज के प्रिंसिपल है जवाहर प्रसाद सिंह के पुत्र अभितेंद्र कुमार सिंह .

ताजपुर के चकहबीब के इस कॉलेज से ही गणेश ने टॉप किया था. संजय ने कहा सुशील मोदी को बताना चाहिए कि क्या ये कॉलेज डिग्री देने की फैक्ट्री नहीं है ? इस कॉलेज का नाम इतना है कि कोई भी इस कॉलेज में जाकर पैसे देकर डिग्री ले सकता है . झारखण्ड से आये गणेश कुमार को इस कॉलेज से फ़ार्म भराया गया और टॉप भी करा दिया गया . सुशील मोदी बतायें कि क्या जवाहर प्रसाद सिंह बीजेपी के लिए जिला अध्यक्ष का चुनाव नहीं लड़े थे ?

उन्होंने सुमो से सवाल किया है कि वे बतायें कि किसने बिहार की छवि को बदनाम करने की कोशिश की है ? बिहार की जनता को पूरी तरह से जानने का हक़ है कि बिहार की छवि को कौन बदनाम कर रहा है ? सुशील मोदी और जवाहर प्रसाद सिंह ने मिलकर जिस तरह से इस घटना को अंजाम दिया है उससे तो कहा ही जा सकता है कि ये शातिरों का काम है. क्या सुशील मोदी जवाहर प्रसाद सिंह को इसके लिए सम्मानित करेंगे ?

मोदी बिहार की राजनीति में हासिये पर जा चुके है . अपनी राजनीति को ज़िंदा रखने के लिए सुशील मोदी ने ये भद्दा खेल खेला है . मोदी की पुरानी आदत है कि वो अपने से सीनियर नेताओ को बिहार के बारे गलत फिड बैक देते है . इसी गलत फिड बैक की वजह से सुशील मोदी ने बिहार में बीजेपी को डूबा दिया .

सुशील मोदी ने शायद कसम लिया है कि वो राजनीति में कभी सच नहीं बोलेंगे ?