चुनावी साल में क्या होगी कलाकारों के लिए भी कोई घोषणा? कोरोना काल ने रंगकर्म को दिया चुनौती

लाइव सिटीज, पटना/आशुतोष कुमार: कोरोना काल से समाज के प्राय: सभी वर्ग को नुकसान पहुंचा. इस दौर ने कईयों के सामने रोजी रोटी के संकट को पैदा कर दिया. बिहार के कलाकारों के सामने भी कोरोना चुनौती बन कर खड़ा हो गया. खासकर राजधानी समेत प्रदेश भर में रंगकर्म का झंडा बुलंद करने वाले सिपाहियों को काफी मुसीबत झेलनी पड़ी. सरकारी हुक्कमरानों की इनकी खैरियत तक नहीं ली. कलाकार वर्ग लगातार सोशल मीडिया से लेकर सड़कों पर आंदोलनरत रहा. प्रेमचंद रंगशाला में भी इनकी एकता सामने दिखी. कला संस्कृति विभाग की उपेक्षा ने इन्हें आंदोलनरत कर दिया. नतीजतन सरकारी ऐलान ने इन्हें और उद्वेलित कर दिया. प्रदेश की कला संस्कृति विभाग ने एक ऐलान किया.

इस ऐलान में दर्शाया गया कि कला जगत के लोग 10 मिनट का वीडियो भेजें. इस वीडियो में सरकारी योजना का बखान हो. विजेताओं को प्रोत्साहन राशि के तौर पर सहयोग प्रदान की जाएगी. पूरे मामले पर विभाग की फजीहत कला जगत के धुरंधरों ने की. सरकार की आलोचना कलाकारों ने जमकर की. इस दौरान कई समाजसेवी संगठनों ने इन्हें मरहम लगाया और आर्थिक मोर्चे पर कमजोर कलाकारों की मदद की. खैर अब चुनावी साल है. कला जगत से जुड़े कलाकार यह सवाल  पूछने लगे हैं. क्या कलाकारों से जुड़े जनहित के मुदृदे भी चुनावी फिजाओं में गूंजेंगे. मसलन वर्षों से रंगकर्म कर रहे कलाकार अपनी भलाई की राह तक रहे हैं. अब तक प्रदेश में नाट्य विद्यालय का सपना अधूरा है. प्रदेश के कई ​जिलों में प्रेक्षागृह तक  नहीं. राजधानी में भी जो प्रेक्षागृह हैं. उसका देखरेख नहीं हो पा रहा.



कलाकार चाहते हैं कि प्रदेश में इस विधा से जुड़े लोगों को प्रशिक्षण कार्यों में लगाया गया.  वरिष्ठ रंगकर्मी तरवीर अख्तर ने बताया कि कालाकारों के मुदृदे सरकारी घोषणापत्र में जगह नहीं ले पाते. उन्हें वोटर नहीं माना जाता. किसानों नौजवानों का मुदृदा सामने रहता है. कलाकार सरकारी योजनाओं का विरोध भी करते हैं. यह भी एक वजह है. उन्होंने सवाल उठाया कि जिस प्रकार सरकार अन्य योजनाओं का बखान करती है. वह वास्तविक में होता नहीं. प्रदेश में शिक्षा व संस्कृति का हाल सुधरना चाहिए. कई कलाकार चाहते हैं. प्रदेश में संस्कृति का विकास हो. अब  चुनावी साल है. क्या सरकार कलाकारों के लिए कोई घोषणा करेगी. क्या बिहार में लंबित उनकी योजनायें आगे भी इन्हें सुविधा देगी.