विश्व स्तनपान सप्ताह : स्तनपान के लिए माताओं को किया गया जागरूक

पटना/फुलवारीशरीफ : एक अगस्त से सात अगस्त तक विश्व स्तन सप्ताह समारोह सोमवार को एम्स, पटना में संपन्न हुआ. विश्व स्तन पान के अंतिम दिन एम्स के सभागार मे सीएमई आयोजित की गयी. विशेषज्ञ डाक्टरों ने स्तनपान कराने के लाभ के बारे में वैज्ञानिक आंकड़ों पर प्रकाश डाला. एम्स के शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ लोकेश तिवारी, अस्पताल अधीक्षक डॉ उमेश भदानी और प्रोफेसर नीरज अग्रवाल ने संयुक्त रूप से सीएमई का उद्घाटन करते हुये स्तनपान के महत्व पर बल दिया और उनसे जनता को संदेश देने के लिए कहा. विशेष रूप से महिलाओं को स्तनपान के लिए जागरूक करना होगा.
studio11
डॉ नीता केवालानी ने शिशु के पोषण में माता स्तनपान की उपयोगिता पर बल दिया. डॉ मुक्ता अग्रवाल ने स्तनपान के परिणामों में सुधार के लिए प्रसव पूर्व परामर्श की आवश्यकता पर प्रकाश डाला. डॉ प्रताप पत्रा ने विज्ञान के आधार पर स्तनपान पर जोर दिया जिसने स्तनपान से कई लाभ होते है और बच्चों को पूर्ण आहार मिलता है. डॉ प्रज्ञा कुमार ने देश में स्तनपान की दरों में सुधार के लिए रणनीतियों के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुये कहा कि कामकाजी महिलाओं को इसके लिए विशेष रूप से जागरूक करने की जरूरत है.
विश्व स्तनपान सप्ताह का आयोजन 2017 के भाग के रूप में स्तनपान को बढ़ावा देने के लिए चल रहे जन जागरूकता कार्यक्रम, बाल रोग विभाग, एम्स पटना ने अंडर ग्रेजुएट छात्रों के लिए स्तनपान कराने पर एक प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया था. इसमें उत्साही दर्शकों के साथ स्नातक छात्रों, रेजीडेसी डॉक्टर और सीनियर संकाय भी भाग लिया. डॉ. मनीष कुमार को प्रश्नोत्तरी में क्विज मास्टर थे और डॉ. क्षैतिज ने पोस्टर और स्लोगन प्रतियोगिताओं का सह संयोजक भी किया जो माताओं के लिए सूचना, शिक्षा और परामर्श सत्र पूरे सप्ताह पूरे बाल रोगी ओपीडी में जारी रहा. ताकि स्तनपान कराने के लिए महिलाओं के लिए अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने के लिए समाज की भूमिका पर जोर दिया जा सके.
माताओं के लिए आईईसी सत्र डॉ. रुची झा और डॉ आयुषी विग, डॉ साधना और डॉ समिति द्वारा संचालित थे.
पूरे हफ्ते में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए. अपराजय और दीपक स्तनपान कराने पर क्विज के विजेता थे, जबकि शीर्ष सम्मान अनीला और डॉ. कमलेश झा ने पोस्टर और स्लोगन प्रतियोगिता में क्रमशः प्राप्त किए थे.

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*