जिस ‘टेप’ से अर्नब ने मचाया तूफान वही बना आफत, दिल्ली हाई कोर्ट से नोटिस

लाइव सिटीज डेस्क : लालू-शहाबुद्दीन टेप व सुनंदा पुष्कर से जुड़े मामले के टेप के साथ धमाकेदार एंट्री करने वाले अर्नब गोस्वामी की मुश्किलें बढ़ गई हैं. रिपब्लिक टीवी के लांच पर दो बड़े खुलासे से भले ही देश की सियासत में हलचल मच गई हो. लेकिन रिपब्लिक के चैनल हेड अर्नब गोस्वामी के लिए क़ानूनी पचड़ा भी साथ लायी है.

 

दरअसल, दिल्ली हाई कोर्ट ने अर्नब गोस्वामी को नोटिस जारी किया है. यह नोटिस एंप्लॉयमेंट कॉन्ट्रैक्ट के उल्लंघन और न्यूज चैनल टाइम्स नाउ की बौद्धिक संपदा के दुरुपयोग को लेकर जारी हुआ है. गोस्वामी बेनेट, कोलमैन ऐंड कंपनी लिमिटेड (बीसीसीएल) के मालिकाना हक वाले चैनल टाइम्स नाउ के पूर्व एडिटर हैं.

 

बता दें कि बीसीसीएल ने गोस्वामी के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कराया था. कंपनी की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, हाल ही में रिपब्लिक चैनल पर सुनंदा पुष्कर केस और लालू प्रसाद यादव से जुड़ीं खबरों में चलाए गए ऑडियो टेप गोस्वामी और प्रेमा श्रीदेवी ने उस वक्त हासिल किए, जब वे दोनों टाइम्स नाउ के कर्मचारी थे. प्रेमा टाइम्स नाउ की रिपोर्टर रह चुकी हैं. अर्नब ने बीते साल टाइम्स नाउ छोड़ने के बाद इसी महीने ‘रिपब्लिक टीवी’ लॉन्च किया है.
बीसीसीएल ने अर्नब और प्रेमा पर आरोप लगाया है कि दोनों ने जानबूझकर टाइम्स नाउ की बौद्धिक संपदा का इस्तेमाल किया। कंपनी ने इंडियन पीनल कोड (आईपीसी) की धारा 403 और दूसरे की संपदा के आपराधिक दुरुपयोग से जुड़ीं आईपीसी की अन्य धाराओं के अलावा आईटी ऐक्ट तहत केस चलाने की मांग की है.


आईटी ऐक्ट की धारा 66बी के मुताबिक, ‘कोई खराब नीयत से किसी कम्प्यूटर या अन्य कम्युनिकेशन डिवाइस से सूचनाएं हासिल करता या चुराता है और इसके विश्वास करने योग्य वाजिब कारण हो तो तीन साल तक की जेल या एक लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों की सजा का प्रावधान है.’

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