‘एक कट्ठा में पेट वाले सरकारी कर्मचारी सरकार पर बोझ है’ बीजेपी एमएलसी नवलकिशोर यादव ने साफ कह दिया

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : 50+ वाले अकुशल सरकारी कर्मचारियों को जबरन रिटायर कर दिया जाएगा. इसके लिए बुधवार को गृह विभाग में समिति का भी गठन कर दिया गया. अगले महीने तक सभी विभागों में समिति का गठन कर लिया जाएगा. बिहार सरकार के इस कदम पर सियासत तेज हो गयी है. आरजेडी ने इसे सरकार की साजिश करार दिया है.

उधर सरकार के इस फैसले का बीजेपी विधानपार्षद नवल किशोर यादव ने स्वागत किया है. उन्होंने लाइव सिटीज से बात करते हुए कहा कि अक्षम कर्मचारियों के लिए सरकार ने यह फैसला किया है. इस फैसले से सरकारी काम की गति मिलेगी. नहीं काम करने वाले लोग नपेंगे. जो एक उदाहरण बनेगा.



नवल किशोर यादव ने अपने ही अंदाज में अकुशल, निकम्मा कर्मचारियो की परिभाषा बताते हुए कहा कि जो पुलिसकर्मी का एक कट्ठा में पेट फेंका हो, वो काम क्या करेगा, जो कर्मचारी सरकार का पैसा लेकर जनता का काम नहीं करेंगे, किसी भी केस को वर्षो तक पेंडिंग रखने का काम करेंगे वैसे कर्मचारियों के लिए सरकार ने फैसला लिया है. यह फैसला काफी पहले हो जाना चाहिए था. लेकिन देर आया  दुरूस्त आया है.

इस फैसले को लेकर तेजस्वी समेत आरजेडी के अन्य नेताओं की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए नवल किशोर यादव ने कहा यह सवाल वोटर का नहीं बल्कि काम के आउटपुट का है. यह सवाल मतदाताओं का नहीं बल्कि राज्य के निर्माण का है. तेजस्वी और अन्य आरजेडी नेताओं को नोटिस नहीं लेने की बात करते हुए उन्होंने कहा कि जो राज्य के विकास में कोई कंट्रिब्यूट नहीं करेगा उसे जाना ही होगा.