राज्यपाल कर रहें हैं झूठी बातें सरकार का एजेंडा किया पेश: अखिलेश

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: बिहार में नई सरकार का गठन हो गया है. अब विधानसभा का सत्र भी जारी है. गुरुवार को राज्यपाल फागू चौहान ने भी अपना अभिभाषण दिया. राज्यपाल के अभिभाषण के बाद इसे लेकर अब नया विवाद खड़ा हो गया है. दरअसल कांग्रेस के सांसद ने राज्यपाल के अभिभाषण को झूठ का पुलिंदा बताया है. बिहार से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि सरकार जो लिख कर देती है वही राज्यपाल महोदय को पढ़ना होता है.

अखिलेश सिंह ने कहा कि चुनाव परिणाम में ऐसा लगता कि महागठबंधन को जिस प्रकार का वोट मिला है. उससे साफ है कि नीतीश कुमार की सरकार ज्यादा दिन की सरकार नहीं है. अखिलेश ने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण झूठ का पुलिंदा है.



बिहार विधान मंडल के संयुक्त सत्र को राज्यपाल फागू चौहान ने गुरुवार को पटना में संबोधित किया. सीएम नीतीश कुमार की उपस्थिति में राज्यपाल ने अपने 13 मिनटके संबोधन में विपक्ष की टिपण्णी के बीच बिहार सरकार के विकास कार्यों का जिक्र किया और बीती सरकार की उपलब्धियां एवं भविष्य की योजनाओं के बारे में भी बात की. विपक्ष के शोर-शराबे के बीच ही राज्यपाल ने कहा बिहार की जनता ने विकास को चुना है. सरकार राज्य में अपराध और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए प्रतिबद्ध है.

राज्यपाल ने कहा कि मौजूदा सरकार बिहार के विकास के लिए काम कर रही है. कोरोना संकट में बिना किसी भेदभाव के सभी तक मदद पहुंचाई गई. केंद्र सरकार ने भी कोरोना संकट में राज्य की खूब मदद की. राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि की दिशा में काम कर रही है. कृषि प्रधान राज्य में जैविक खेती को बढ़ाने का काम भी राज्य सरकार कर रही है. अभिभाषण के दौरान राज्यपाल फागू चौहान ने बिजली और रोजगार की दिशा में काम करने के लिए राज्य सरकार की तारीफ की.

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के कथित ऑडियो पर अखिलेश सिंह ने कहा कि यह तो उनकी आवाज ही नहीं है वह ऑडियो मैंने भी सुना है. अखिलेश ने कहा कि सुशील कुमार मोदी अब बिहार के उप मुख्यमंत्री नहीं हैं इसलिए वह अपनी अहमियत बनाए रखने के लिए एक शिगूफा छोड़ रहे हैं. किसानों के प्रदर्शन पर कांग्रेस सांसद ने कहा कि सरकार को किसानों पर दमनात्मक कार्रवाई बंद करनी चाहिए. यह जन विरोधी कानून है. संसद में कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष ने इस मुद्दे को उठाया था ऐसे में केंद्र सरकार को इस कानून को तुरंत वापस लेना चाहिए.